कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को नए विधेयकों की आलोचना करते हुए उन्हें ‘दमनकारी’ और ‘अलोकतांत्रिक’ बताया।

इन विधेयकों में गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्रियों को पद से हटाने का प्रावधान है।

प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे विधेयक लाकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार लोगों की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रही है। उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह पूरी तरह से दमनकारी कदम है। यह हर चीज के खिलाफ है और इसे भ्रष्टाचार विरोधी कदम के रूप में पेश करना लोगों की आंखों में धूल झोंकने जैसा है। चूंकि यह मूल रूप से सरकार को ऐसा करने की अनुमति देता है – तो आपको दोषी ठहराए जाने की भी जरूरत नहीं है।’’

कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘कल आप किसी मुख्यमंत्री पर कोई भी मामला दर्ज करा सकते हैं और उसे बिना दोषी ठहराए 30 दिनों के लिए गिरफ्तार कर सकते हैं और फिर वह मुख्यमंत्री नहीं रह जाएगा।’’

प्रियंका गांधी ने कहा कि यह हर किसी के सामने है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह बिल्कुल गलत है, यह लोकतंत्र विरोधी है और संविधान के खिलाफ है, यह अलोकतांत्रिक है और यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।’’

सरकार बुधवार को संसद में तीन विधेयक पेश करने की योजना बना रही है, जिसके तहत गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार या हिरासत में रहने पर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री या मंत्री को पद से हटाया जा सकेगा।

कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि भाजपा नीत केंद्र सरकार विभिन्न राज्यों में विपक्षी दलों की सरकार के मुख्यमंत्रियों को ‘‘पक्षपाती’’ केंद्रीय एजेंसियों द्वारा ‘‘मनमाने ढंग’’ से गिरफ्तार कराने के बाद उन्हें तुरंत पद से हटाकर विपक्ष को अस्थिर करने के लिए कानून लाने की मंशा रखती है।

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि केंद्र सरकार विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों को चुनाव में हरा पाने में विफल रहने के बाद उन्हें हटाने के लिए ऐसा कानून लाना चाहती है।

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