प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को बिहार के सीवान पहुंचे जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। मोदी अपने कार्यक्रम स्थल पर खुले वाहन में सवार होकर पहुंचे जो बिहार के उनकी दौरों की खास शैली बन गई है।
इस दौरान पीएम मोदी ने सीवान जिले के जसौली में आयोजित एक कार्यक्रम में करीब 5,900 करोड़ रुपये की लागत से आवास, शहरी विकास, जल शक्ति, विद्युत और रेल से जुड़ी 28 परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की एकजुटता को दर्शाते हुए इस दौरान प्रधानमंत्री के साथ गठबंधन सहयोगी एवं राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एवं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं विजय कुमार सिन्हा भी थे। राज्य में कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं।
वाहन को भगवा रंग में रंगा गया था और फूलों से सजाया गया था। भगवा रंग भाजपा का प्रतीक है।
जब मोदी ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर लोगों की ओर हाथ हिलाकर और हाथ जोड़कर अपने समर्थकों का अभिवादन किया तो भीड़ ने ‘‘मोदी! मोदी!’’ के नारे लगाए।
राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, “…जब से NDA को मौका मिला बिहार में बहुत काम हुआ है। हमसे पहले जो लोग थे उनसे पूछना चाहिए कि पहले क्या हाल था? पहले लोग घर से बाहर नहीं निकल पाते थे। आज इतनी बड़ी संख्या में लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात को सुनने पहुंचे हैं। आज महिलाएं घर से निकल रही हैं। हमने महिलाओं के लिए बहुत काम किया है। हमने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया और राज्य में पुल-पुलिया का निर्माण कराया…”
हाल के दिनों में प्रधानमंत्री कम से कम दो मौकों पर बिहार में अपने कार्यक्रम स्थलों पर खुले वाहन पर सवार होकर पहुंचे हैं।
उन्होंने पहली बार भागलपुर में ऐसा किया था जब वह फरवरी में वहां गए थे। मोदी पिछले महीने जिले में एक रैली को संबोधित करने के लिए फिर से इसी अंदाज में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे।
इस मामले में हाल के दिनों में एकमात्र अपवाद मधुबनी था, जहां से उन्होंने घोषणा की थी कि पहलगाम आतंकवादी हमले के अपराधियों को ‘‘धरती के अंतिम छोर तक खदेड़ा जाएगा और ऐसी सजा दी जाएगी जो उनकी कल्पना से परे होगी।’’
राज्य में भाजपा नेताओं ने कहा था कि चूंकि मधुबनी दौरा पहलगाम हमले के तुरंत बाद हुआ था इसलिए यह निर्णय लिया गया कि प्रधानमंत्री के आगमन को भव्य नहीं बनाया जाएगा।