मुज़फ्फरनगर। नई मंडी कोतवाली क्षेत्र में ट्रैफिक चेकिंग के दौरान एक स्कूटी का चालान काटा गया, लेकिन जब चालान की राशि देखी गई तो पुलिसकर्मी और वाहन चालक दोनों ही दंग रह गए। महज़ बिना कागज़ात पकड़ी गई स्कूटी पर ₹20 लाख 74 हजार का चालान अंकित था। कुछ ही देर में चालान की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई और शहरभर में यह चर्चा का विषय बन गया।मामला गांधी कॉलोनी चौकी क्षेत्र का है, जहां द्वितीय उपनिरीक्षक नवाब सिंह वाहन चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान एक स्कूटी चालक को रोका गया, जिसके पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस था, न ही रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र या हेल्मेट।
नियमों के तहत उसके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 207 के अंतर्गत चालान किया गया। लेकिन जब चालान की रसीद निकली तो उस पर 20.74 लाख रुपये का जुर्माना दिखा। युवक ने इसे गलती मानते हुए ऑनलाइन जांच की, मगर वहां भी वही रकम दर्ज थी।घबराया युवक तत्काल नई मंडी कोतवाली पहुंचा, जहां जांच के बाद मामला साफ हुआ। प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा ने बताया कि चालान राशि अधिक दिखने के पीछे तकनीकी कारण है। चालान फार्म में 207 एमवी एक्ट और 4000 रुपये के बीच की स्पेस हटने से दोनों अंक जुड़कर 20.74 लाख रुपये बन गए। वास्तविक जुर्माना मात्र ₹4000 का ही था।पुलिस ने रजिस्टर में सही राशि दर्ज कर दी है और युवक को सही चालान की प्रति उपलब्ध करा दी गई है। वहीं, इस घटना ने डिजिटल चालान प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों से बचने के लिए सॉफ्टवेयर की कोडिंग और डेटा एंट्री सिस्टम को और सुरक्षित बनाना जरूरी है।कोतवाली प्रभारी ने कहा कि भविष्य में इस तरह की त्रुटियों से बचने के लिए चालान सॉफ्टवेयर की समीक्षा कराई जाएगी। एक मामूली तकनीकी चूक ने जिस तरह पूरे शहर में सुर्खियां बटोरीं, उसने यह साबित कर दिया कि डिजिटल सिस्टम में भी मानवीय सावधानी अनिवार्य है।
