patiala-house-court-terrorist

कोर्ट ने नजीर अहमद पीर और जहूर अहमद पीर को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (यूएपीए) की धारा 18, 19 और 39 के तहत दोषी करार दिया है। इन पर पाकिस्तान से घुसपैठ करके कश्मीर में अशांति फैलाने वाले लश्करआतंकवादी बहादुर अली के साथ साजिश रचने और उसकी मदद करने का आरोप था।

एनआईए के मुताबिक 25 जुलाई, 2016 को जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा से लश्कर आतंकी बहादुर अली को गिरफ्तार किया था। बहादुर अली को पाकिस्तान की ओर से भारत में घुसपैठ के बाद कुपवाड़ा के रहने वाले नजीर और जहूर मदद करते थे। एनआईए ने बहादुर अली से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दोनों को 2017 में जम्मू के गिरफ्तार किया था।

नजीर अहमद पीर और जहूर अहमद पीर पर आरोप है कि हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की हत्या के बाद कश्मीर में आंदोलन भड़काने के लिए पाकिस्तान से भारत में बहादुर अली की घुसपैठ कराने में भूमिका थी। दोनों को बहादुर अली की गिरफ्तारी के बाद जांच के दौरान नाम आने के बाद पकड़ा गया था।

By editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights