दिल्ली हाई कोर्ट ने 2 जुलाई को इस मामले के दो आरोपितों नीलम आजाद और महेश कुमावत 50-50 हजार के मुचलके पर जमानत देने का आदेश दिया था। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को प्रेस कांफ्रेंस करने और मीडिया को इंटरव्यू नहीं देने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने दोनों आरोपितों को इस घटना के बारे में सोशल मीडिया पर कोई भी पोस्ट नहीं करने को कहा है। इसके अलावा कोर्ट ने दोनों आरोपितों को संबंधित थाने में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सुबह 10 बजे रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है।

साेमवार काे सुनवाई के दौरान इस मामले के सभी आरोपित कोर्ट में पेश हुए। दिल्ली पुलिस ने 15 जुलाई, 2024 को इस मामले में पूरक चार्जशीट दाखिल किया था। दिल्ली पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा मामले में 186, 353, 153, 452, 201, 34, 120बी और यूएपीए की धारा 13, 16, 18 के तहत चार्जशीट दाखिल किया था। दिल्ली पुलिस ने 7 जून, 2024 को पहली चार्जशीट दाखिल किया था। दिल्ली पुलिस ने जिन आरोपितों के खिलाफ यूएपीए की धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल किया है उनमें मनोरंजन डी, ललित झा, अमोल शिंदे, महेश कुमावत, सागर शर्मा और नीलम आजाद शामिल हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल पहली चार्जशीट करीब एक हजार पन्नों की है।

यह घटना 13 दिसंबर, 2023 की है, जब संसद की विजिटर गैलरी से दो आरोपित चैंबर में कूदे। कुछ ही देर में एक आरोपित ने डेस्क के ऊपर चलते हुए अपने जूतों से कुछ निकाला और अचानक पीले रंग का धुआं निकलने लगा। इस घटना के बाद सदन में अफरातफरी मच गई। हंगामे और धुएं के बीच कुछ सांसदों ने इन युवकों को पकड़ लिया और पिटाई भी की। कुछ देर के बाद संसद के सुरक्षाकर्मियों ने दोनों युवकों को कब्जे में ले लिया। संसद के बाहर भी दो लोग पकड़े गए जो नारेबाजी कर रहे थे और पीले रंग का धुआं छोड़ रहे थे।

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