सुनवाई के दौरान साेमवार काे दिल्ली पुलिस ने कहा कि 16 पीड़ितों में से 9 पीड़ितों के परीक्षण हो चुके हैं और मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। इस मामले के जांच अधिकारी ने कहा कि बाकी पीड़ित अभी दिल्ली से बाहर हैं। उसके बाद कोर्ट ने जांच अधिकारी से ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान चैतन्यानन्द सरस्वती की ओर से पेश वकील अजय बर्मन ने कहा कि आरोपित के खिलाफ कुछ भी नहीं है। इसका दिल्ली पुलिस ने विरोध करते हुए कहा कि आरोपित की अश्लील तस्वीरें और कमेंट हैं। इसके स्क्रीन शॉट है। इस मामले में तीन महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
चैतन्यानंद सरस्वती को आगरा के गिरफ्तार किया गया था। चैतन्यानंद सरस्वती पर आरोप है कि वो आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग की छात्राओं के साथ अश्लील हरकत की थी। कॉलेज के सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस चैतन्यानंद सरस्वती के पास था ताकि वो छात्राओं पर नजर रख सके। उसने सुरक्षा के नाम पर सीसीटीवी कैमरे जानबूझकर वाशरुम के पास इंस्टाल करवाया था।
सरस्वती पर छात्राओं से अश्लील हरकत करने के अलावा वित्तीय फर्जीवाड़ा करने का भी आरोप है। आरोप है कि सरस्वती ने संबंधित संस्थान की संपत्तियों को निजी कंपनियों पर किराये पर दे रखा था। वो संस्थान की संपत्तियों से महंगी गाड़ियां खरीदता था। उसके कब्जे से पुलिस ने एक बीएमडब्ल्यू कार जब्त की थी। वो महंगी गाड़ियों में लड़कियों को लेकर जाता था और उनके साथ अश्लील हरकत करता था।
