इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने कुलगीत, स्वागत गीत, कुमाउनी लोकनृत्य और नाटक प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि प्रो. नीता बोरा शर्मा ने नये प्रवेशार्थियों का स्वागत करते हुए शिक्षा को केवल डिग्री अर्जन का साधन न मानकर चरित्र निर्माण, मूल्यों और दृष्टि को आकार देने का माध्यम बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से शैक्षणिक और अतिरिक्त गतिविधियों के बीच संतुलन बनाने पर बल दिया। प्रो. अतुल जोशी ने कहा कि आज का दिन नये जीवन की शुरुआत का प्रतीक है, यहाँ विद्यार्थियों को न केवल अकादमिक उत्कृष्टता बल्कि व्यक्तित्व विकास का भी अवसर मिलेगा। विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक उप्रेती ने शिक्षा के उद्देश्य और शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को जिज्ञासु, सहयोगी और नवाचारी बने रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. दीपिका भट्ट और डॉ. तेज प्रकाश जोशी ने किया। इस अवसर पर समिति संयोजक डॉ. भूपेंद्र सिंह कठायत, सदस्य डॉ. वर्षा पंत, डॉ. शाहिद हुसैन सहित डॉ. विनीता विश्वकर्मा, डॉ. लक्ष्मण सिंह, डॉ. पुष्पा अधिकारी, डॉ. शिखा रतूड़ी, डॉ. हेमा मेहरा, डॉ. सरोज शर्मा और डॉ. आकांक्षा शैली उपस्थित रहे।

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