मुख्य अतिथि सुभाष रमोला ने कहा कि सहकारिता विभाग ने राज्य की आर्थिक प्रगति में नया अध्याय जोड़ा है। उन्होंने कहा कि सहकारिता अब रिवर्स पलायन रोकने और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। उन्होंने बताया कि सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की दूरदर्शी नीतियों से यह विभाग आज प्रदेश के अग्रणी विभागों में शामिल है। उन्होंने कहा कि पहले सहकारी बैंक घाटे में चल रहे थे, वहीं आज वे 300 करोड़ रुपये के लाभ में हैं। यह उत्तराखंड सहकारिता की नयी सफलता गाथा है।

मेले में लगाए गए 165 से अधिक स्टॉल स्थानीय उत्पादों की सफलता की मिसाल बने। उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ के ऑर्गेनिक उत्पाद राजमा, मंडुवा का आटा, अचार और मक्के का आटा खरीदारों के बीच खासे लोकप्रिय रहे। उत्तराखंड रेशम फेडरेशन के कोट, टोपी, सूट, मफलर, स्टाॅल और पिछौड़े ने भी दर्शकों का मन मोह लिया। रेशम की साड़ियां महिलाओं की पहली पसंद बनीं। मेले के तीसरे दिन छात्र-छात्राओं के बीच क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गयी, जिसमें शैफर्ड स्कूल प्रथम, संस्कृत विद्यालय द्वितीय और भगवती मेमोरियल स्कूल तृतीय स्थान पर रहे। इसी क्रम में मेहंदी प्रतियोगिता में प्रतिभागी छात्राओं को भी पुरस्कृत किया गया।

मुख्य अतिथियों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना के तहत 88 किसानों को 1.30 करोड़ रुपये के 0% ब्याज पर ऋण चेक वितरित किए। वहीं प्रगति महिला सहायता समूह (नीलकंठ) और खुशी महिला सहायता समूह (बिथ्याणी) को 5-5 लाख रुपये के चेक प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं को लक्ष्मी किट और गोद भराई किट भी दी गई। सांस्कृतिक संध्या में चिल्ड्रन एकेडमी, राजकीय माध्यमिक विद्यालय श्रीकोट और आरसी मेमोरियल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने लोकनृत्य और गीतों की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं।

शाम को प्रसिद्ध गायक सौरभ मैठाणी के गीत “मैं पहाड़ों का रैवासी” और गायक अमित सागर की प्रस्तुति पर युवा झूम उठे। बारिश के बावजूद दर्शकों का उत्साह चरम पर रहा। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, कार्यक्रम संयोजक मंडल के सदस्य महावीर कुकरेती, मातवर सिंह रावत, संपत सिंह रावत, नरेंद्र सिंह रावत, मनोज पटवाल आदि शामिल रहे।

By editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights