प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह कार्यक्रम इस साल 7 नवंबर से अगले साल 7 नवंबर तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी उत्सव की औपचारिक शुरुआत है, जो उस अमर रचना की 150वीं वर्षगांठ का प्रतीक होगा जिसने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को प्रेरणा दी और आज भी राष्ट्रीय एकता व गर्व का भाव जगाती है।

इस अवसर पर देशभर में सुबह करीब 9:50 बजे सार्वजनिक स्थलों पर ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण का सामूहिक गायन किया जाएगा, जिसमें समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल होंगे।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1875 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने अक्षय नवमी के दिन ‘वंदे मातरम्’ की रचना की थी, जो बाद में उनके उपन्यास ‘आनंदमठ’ का हिस्सा बनी। मातृभूमि को शक्ति, समृद्धि और दिव्यता के रूप में समर्पित यह गीत भारत की जागृत राष्ट्रीय चेतना और आत्मसम्मान का शाश्वत प्रतीक बन गया।

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