लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों और कॉलेजों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन को अनिवार्य करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित एकता यात्रा एवं सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम के दौरान इस घोषणा को सार्वजनिक किया। उन्होंने कहा कि यह गीत भारत की आत्मा और राष्ट्रभक्ति की प्रतीक भावना का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए इसे हर शिक्षण संस्थान में नियमित रूप से गाया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि “वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की एकता, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है।
इसे हर विद्यालय और महाविद्यालय में प्रतिदिन या साप्ताहिक प्रार्थना सभा में गाना अनिवार्य होगा ताकि नई पीढ़ी अपने राष्ट्र के गौरवशाली इतिहास से जुड़ सके।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि कोई धर्म या जाति देश से ऊपर नहीं हो सकती और जो लोग समाज को बांटने का प्रयास करते हैं, उन्हें इस एकता के गीत से जवाब मिलेगा।योगी सरकार ने शिक्षा विभाग को तुरंत आदेश जारी करने के निर्देश दिए हैं। सभी शिक्षण संस्थानों को इस गीत को अपनी नियमित गतिविधियों का हिस्सा बनाना होगा। शिक्षा विभाग को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि विद्यार्थियों और शिक्षकों को ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराया जाए, ताकि इसमें निहित राष्ट्रीय भावना को गहराई से समझा जा सके।प्रदेश के शिक्षाविदों और समाज के विभिन्न वर्गों में इस निर्णय का स्वागत किया जा रहा है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे विद्यार्थियों में अनुशासन, देशभक्ति और सांस्कृतिक जुड़ाव की भावना मजबूत होगी।
वहीं कुछ लोगों ने इसके क्रियान्वयन को लेकर व्यावहारिक सुझाव दिए हैं कि कार्यक्रम का समय, स्वरूप और प्रशिक्षण जैसी व्यवस्थाएं स्पष्ट रूप से तय की जानी चाहिएं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “भारत माता की जय और वंदे मातरम् जैसे उद्गार हमारे गौरव और पहचान के प्रतीक हैं। जब बच्चों की आवाज़ों में यह गीत गूंजेगा, तो वह नई पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और एकता की प्रेरणा देगा।”इस फैसले के साथ उत्तर प्रदेश देश का पहला बड़ा राज्य बन गया है, जहां सरकार ने सभी शिक्षण संस्थानों में ‘वंदे मातरम्’ का गायन अनिवार्य कर राष्ट्रभक्ति की भावना को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
