नई दिल्ली| बिहार में ऐतिहासिक राजनीतिक क्षण दर्ज हुआ, जब नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। हाल ही में संपन्न हुए 2025 विधानसभा चुनाव में एनडीए ने प्रचंड बहुमत हासिल किया और इसी जनादेश के साथ पटना राजभवन में भव्य शपथ-ग्रहण समारोह आयोजित हुआ।243 सीटों वाली विधानसभा में एनडीए ने 202 सीटें जीतकर स्पष्ट और स्थिर सरकार का रास्ता साफ किया। इनमें भाजपा को लगभग 89 सीटें, जबकि जदयू को 85 सीटों का मजबूत जनाधार मिला। विपक्षी महागठबंधन सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया, जिससे एनडीए को निर्णायक बढ़त मिली और सत्ता गठन में कोई बाधा नहीं रही।शपथ-ग्रहण समारोह में केंद्र और कई राज्यों की राजनीति के दिग्गज नेता मौजूद रहे।
समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं उपस्थित रहे। उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, कई केंद्रीय मंत्री और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी मंच पर मौजूद रहे। समारोह में भारी सुरक्षा व्यवस्था और सख़्त प्रोटोकॉल के बीच मंत्रियों का शपथ-ग्रहण भी पूरा किया गया।नीतीश कुमार का यह दसवां कार्यकाल बिहार के राजनीतिक इतिहास में पहली बार किसी नेता द्वारा इतने व्यापक जनसमर्थन और रिकॉर्ड संख्या में शपथ लेने के रूप में दर्ज हो गया है। 2000 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद से वे अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों, गठबंधनों और चुनौतियों के बीच लगातार बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे हैं।नई सरकार के सामने अब रोजगार, विकास, कृषि, शिक्षा और सामाजिक समरसता जैसे अहम मुद्दे हैं। जनता को उम्मीद है कि रिकॉर्ड जनादेश के बाद सरकार इन मोर्चों पर तेजी से काम करेगी।इस तरह बिहार ने फिर एक बार नीतीश कुमार के अनुभव और स्थिर नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए उन्हें ऐतिहासिक दसवीं पारी का मौका दिया है।
