नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण फेरबदल करते हुए बिहार सरकार में मंत्री और बांकीपुर से विधायक नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार यह व्यवस्था नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन तक प्रभावी रहेगी। इस निर्णय से संगठन में युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने का संकेत माना जा रहा है।
पार्टी के भीतर नितिन नबीन को एक जमीनी नेता और अनुशासित संगठनकर्ता के रूप में जाना जाता है। वे पिछले डेढ़ दशक से अधिक समय से सक्रिय राजनीति में हैं और बिहार में कई बार विधायक चुने जा चुके हैं। संगठनात्मक दायित्वों के साथ-साथ प्रशासनिक अनुभव भी उनके प्रोफाइल को मजबूत बनाता है।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि आने वाले समय में संगठन को नई ऊर्जा, आधुनिक रणनीति और युवाओं से जुड़ाव की आवश्यकता है। इसी दृष्टि से कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन की नियुक्ति को अहम माना जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भरोसा जताया है कि वे इस भूमिका में संगठनात्मक समन्वय और चुनावी तैयारी को मजबूती देंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यदि भविष्य में नितिन नबीन को पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाता है, तो वे भाजपा के इतिहास में सबसे कम उम्र के अध्यक्षों में शामिल होंगे। फिलहाल उनकी नियुक्ति को भाजपा की दीर्घकालिक नेतृत्व योजना के रूप में देखा जा रहा है, जिससे पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर नया चेहरा और नई कार्यशैली मिल सकती है।
