सोमवार को प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में डॉ संजय निषाद ने कहा कि बिहार और उत्तर प्रदेश के मछुआ समाज के साथ पूर्ववर्ती सरकारों ने भेदभाव किया जिससे वे आर्थिक रूप से पिछड़ गए हैं। राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रधानमंत्री से यह मांग करेगी कि बिहार और उत्तर प्रदेश में मछुआ समाज को अनुसूचित जाति में शामिल किया जाना चाहिए। उत्तर प्रदेश में मझवार, तुरैहा और तरमाली की सभी उपजातियों को, उत्तराखंड राज्य में शिल्पकार जाति समूह के शासनादेश की तर्ज पर परिभाषित कर, मछुआ समाज को उनके वंचित हक और अधिकार दिलाए जाना चाहिए।

निषाद जी ने बताया कि निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में पार्टी के विस्तार, बिहार राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की भूमिका, उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय चुनाव को लेकर पार्टी का रुख, संगठन में क्रियाशील एवं अक्रियशील पदों पर नियुक्ति पर भी फैसला लिया जाएगा। इसके साथ उत्तर प्रदेश इकाई में 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए आवश्यक बदलाव और लक्ष्य निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। बिहार में चुनाव में प्रत्याशी उतारने के सवाल पर संजय निषाद ने कहा कि बिहार विधान सभा चुनाव में पार्टी अपने उम्मीदवार उतारेगी। खासकर उन सीटों पर जहां मछुआ समाज के लोगों की संख्या अधिक है। इस संंबंध में भाजपा से भी चर्चा की जाएगी। एसआईआर पर विपक्ष के हंगामे पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय निषाद ने कहा कि ‘विजन डॉक्यूमेंट 2047’ देश और प्रदेश को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने का है। सोच वही मायने रखती है। हमने राम मंदिर बनाया, धारा 370 हटाई, महिलाओं को आरक्षण दिया। जबकि, विपक्ष की सोच सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था को खत्म करने की है। विपक्ष हमेशा जनता को गुमराह करता रहा है।

By editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights