बेंगलुरु की क्वांटम प्रौद्योगिकी कंपनी, क्यूएनयू लैब्स प्राइवेट लिमिटेड की यह बड़ी उपलब्धि है। इसमें मौजूदा ऑप्टिकल फाइबर अवसंरचना पर तैनात नेटवर्क शामिल क्वांटम-सुरक्षित संचार में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह तकनीक भारत को क्वांटम-प्रमाणित यादृच्छिकता प्रदान करती है, जिसका उपयोग क्रिप्टोग्राफिक एल्गोरिदम में किया जाता है, जो वर्तमान साइबर खतरों और भविष्य के क्वांटम हमलों के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा प्रदान करता है।

भारत मंडपम में चल रहे उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ईएसटीआईसी 2025) के दौरान बुधवार को 500 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैले (क्यूकेडी) नेटवर्क के प्रदर्शन की औपचारिक घोषणा की गई। इस अवसर पर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह, भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय के. सूद, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के मिशन गवर्निंग बोर्ड के अध्यक्ष डॉ अजय चौधरी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रो. अभय करंदीकर और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मंत्रालय से प्राप्त विज्ञप्ति के अनुसार यह उपलब्धि भारत में क्वांटम-सुरक्षित संचार की प्रगति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के उद्देश्यों को साकार करने में प्रत्यक्ष योगदान देती है। यह पहल देश की तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को प्रोत्साहन देने में प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, उद्योग और रक्षा इकोसिस्टम (स्ट्राइड) के तालमेल का उदाहरण है।

यह तकनीक भारत को क्वांटम-प्रमाणित यादृच्छिकता प्रदान करती है, जिसका उपयोग क्रिप्टोग्राफिक एल्गोरिदम में किया जाता है, जो वर्तमान साइबर खतरों और भविष्य के क्वांटम हमलों के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा प्रदान करता है।

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