साइबर सिटी गुरुग्राम में मेट्रो कनेक्टिविटी को और विस्तार देने की तैयारी अंतिम चरण में है। गुरुग्राम सेक्टर-56 रैपिड मेट्रो स्टेशन से लेकर पचगांव चौक तक एक नया मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जो न सिर्फ ट्रैफिक की समस्या को कम करेगा, बल्कि मानेसर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी वरदान साबित होगा।

मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए तैयार हुई प्रारंभिक रिपोर्ट
इस बहुप्रतीक्षित परियोजना की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है, जिसमें दिल्ली-गुरुग्राम-बहरोड़ RRTS कॉरिडोर को भी एकीकृत किया गया है। राज्य सरकार इस रिपोर्ट की समीक्षा कर रही है और संभावना जताई जा रही है कि सितंबर के अंत तक इसे औपचारिक मंजूरी मिल सकती है। इसके बाद, डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी, जो इस योजना को जमीन पर उतारने की दिशा में अहम कदम होगा।

HSIDC और साइबर सिटी को होगा सीधा फायदा
इस नए मेट्रो विस्तार से हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HSIDC) को भी बड़ा लाभ मिलेगा, क्योंकि मानेसर और उसके आस-पास के इलाकों में कई औद्योगिक प्रोजेक्ट्स पहले से ही विकसित किए जा रहे हैं। मेट्रो की सुविधा मिलने से इन क्षेत्रों में न सिर्फ आवागमन आसान होगा, बल्कि वहां की विकास गति भी कई गुना तेज़ हो सकती है।

गांवों और सोसायटियों को सीधा लाभ
यह प्रस्तावित मेट्रो रूट गुरुग्राम जिले के 30 से अधिक गांवों को सीधे जोड़ने का काम करेगा। मानेसर क्षेत्र की नई विकसित रिहायशी सोसायटियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लाखों लोगों को आसान, तेज़ और प्रदूषण-मुक्त सफर का विकल्प मिलेगा। इससे ना केवल सड़क यातायात का बोझ कम होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी विकास की लहर भी तेज़ होगी।

सेक्टर-56 से पचगांव तक नए इंटरचेंज और स्टेशन
वर्तमान में सेक्टर-56 रैपिड मेट्रो का अंतिम स्टेशन है। योजना के तहत यहां एक नया इंटरचेंज विकसित किया जाएगा, जहां से आगे यह नया कॉरिडोर जोड़ा जाएगा।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अधिक स्टेशनों की योजना बनाई जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुविधा मिल सके। स्टेशनों की सटीक संख्या और लोकेशन डीपीआर के बाद तय होंगी।

पचगांव चौक पर RRTS से कनेक्टिविटी
इस प्रस्तावित मेट्रो रूट का सबसे खास पहलू यह है कि इसे पचगांव चौक पर RRTS (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) से जोड़ा जाएगा। यह RRTS कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से लेकर राजस्थान के अलवर तक फैला हुआ है। इस कनेक्टिविटी से यात्रियों को दिल्ली से गुरुग्राम और फिर अलवर तक निर्बाध यात्रा का अनुभव मिलेगा।

RRTS के तीन चरण और नमो भारत ट्रेनें
NCRTC द्वारा विकसित किया जा रहा RRTS तीन चरणों में पूरा होगा:
पहला चरण: दिल्ली – गुरुग्राम – शाहजहांपुर – नीमराना – बहरोड़ (106 किमी)
दूसरा चरण: बहरोड़ से सोतानाला
तीसरा चरण: सोतानाला से अलवर तक

इस कॉरिडोर पर चलने वाली नमो भारत ट्रेनें 160 किमी प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ेंगी, और औसतन हर 10–15 मिनट में ट्रेन उपलब्ध होगी। इसका उद्देश्य तेज़ और समयबद्ध यात्रा अनुभव देना है।

केंद्रीय स्तर पर जल्द मिल सकती है मंजूरी
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने हाल ही में गुरुग्राम में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में इस परियोजना को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उनका कहना था कि आरआरटीएस प्रोजेक्ट को जल्दी ही केंद्रीय कैबिनेट से हरी झंडी मिल सकती है, जिससे डीपीआर निर्माण की प्रक्रिया में तेजी आएगी। 

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