रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) और रेलवे की इस संयुक्त परियोजना के प्रोजेक्ट आर्किटेक्ट प्रतीक पुरकर ने बताया कि कुल 44 एकड़ रेलवे भूमि में से फिलहाल 7-8 एकड़ क्षेत्र में कार्य चल रहा है। योजना के अनुसार स्टेशन के दोनों ओर प्रतिष्ठित भवन, अत्याधुनिक यात्री सुविधाएं और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा रही है। अजनी स्टेशन पर कुल 3 प्लस 3 लेवल का थ्री टायर स्ट्रक्चर बनाया जा रहा है, जिसमें यात्रियों के लिए वेटिंग एरिया, कैफेटेरिया, रिटेल आउटलेट्स और अन्य सुविधा केंद्र होंगे। स्टेशन परिसर में 21 लिफ्ट, 17 एस्केलेटर और 6 ट्रैवलेटर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही पूरा परिसर दिव्यांगजन अनुकूल होगा।

उन्होंने बताया कि स्टेशन पर 4,320 वर्ग मीटर का रूफ प्लाज़ा विकसित किया जाएगा, जहां यात्रियों के लिए अत्याधुनिक वेटिंग लाउंज उपलब्ध होगा। इसके अलावा मल्टीलेवल पार्किंग, मेट्रो, बस और ऑटो से कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए योजना बनाई गई है। स्टेशन पर दो फुट ओवर ब्रिज बनाए जा रहे हैं – एक नॉर्थ एंड पर और दूसरा साउथ एंड पर, जो 10 मीटर चौड़े होंगे और सभी प्लेटफॉर्म को जोड़ेंगे। इनके मध्य में एलिवेटेड कोनकोर्स रहेगा, जो चारों प्लेटफॉर्म के ऊपर बना वेटिंग एरिया होगा। नॉर्थ से साउथ तक का क्षेत्र एक ही छत से कवर रहेगा, जो 77 मीटर चौड़ा और 232 मीटर लंबा होगा।

आरएलडीए के असिस्टेंट मैनेजर भोलानाथ पाल ने बताया कि परियोजना का कार्य 10 जनवरी, 2023 को शुरू हुआ था। वर्तमान में ईस्ट साइड बिल्डिंग का 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। दोनों फुट ओवर ब्रिज का 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। वेस्ट साइड बिल्डिंग 30 प्रतिशत पूर्ण है। एलिवेटेड कोनकोर्स का 30-40 प्रतिशत निर्माण पूरा हुआ है। कुल मिलाकर, अब तक 49 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। अभी तक अजनी स्टेशन से केवल 7-8 ट्रेनें गुजरती हैं, लेकिन अब यहां से पुणे के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू हो गई है। भविष्य में और भी ट्रेनों को यहां जोड़ा जाएगा। वर्तमान में स्टेशन पर 3 ट्रैक हैं, जिन्हें बढ़ाकर 7 ट्रैक किए जाने की योजना है।

स्टेशन का निर्माण ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुसार किया जा रहा है। इसमें सौर ऊर्जा, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन जैसी टिकाऊ तकनीकों को अपनाया गया है। साथ ही, पर्यावरणीय संतुलन के तहत केंद्रीय विद्यालय, अजनी परिसर में लगभग 120 पौधरोपण किया गया है। पुनर्विकसित अजनी स्टेशन न केवल यात्रियों के लिए एक आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव देगा, बल्कि यह पूरा क्षेत्रीय विकास का भी केंद्र बनेगा। नागपुर शहर के लिए यह स्टेशन भविष्य में एक ट्रांसपोर्ट हब के रूप में कार्य करेगा।

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