उच्च शक्ति वाले ठोस ईंधन मिसाइल इंजन का परीक्षण किया। देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन परीक्षण के समय मौजूद रहे। इस इंजन को देश के रक्षा अनुसंधान संस्थान ने विकसित किया है। इस इंजन का प्रयोग अगली पीढ़ी की मिसाइल ह्वासोंग-20 में किया जाएगा।

द कोरिया टाइम्स अखबार की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर कोरिया की सरकारी संवाद सेवा ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (केसीएनए) ने मंगलवार को यह जानकारी दी। किम ने तैयार किए जा रहे इंजन की प्रगति जानने के लिए हफ्ते भर पहले रक्षा अनुसंधान संस्थान (रासायनिक सामग्री अकादमी) का दौरा किया था। परीक्षण की सफलता के बाद किम ने कहा कि इंजन का विकास उत्तर कोरिया की परमाणु रणनीतिक शक्तियों के विस्तार और सुदृढ़ीकरण में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। इसे रक्षा प्रौद्योगिकी के हालिया आधुनिकीकरण में सबसे रणनीतिक सफलता कहा जा सकता है।

केसीएनए के अनुसार यह इंजन परीक्षण अपनी तरह का नौवां और विकास प्रक्रिया का आखिरी है। अधिकारियों ने इसका अधिकतम थ्रस्ट 1,971 किलोन्यूटन बताया है। उत्तर कोरिया ने पिछले साल 31 अक्टूबर को ठोस ईंधन वाले ह्वासोंग-19 के साथ अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण किया था।

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