मुजफ्फरनगर।पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित किए जाने की मांग को लेकर बुधवार को मुजफ्फरनगर में व्यापक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। जनपद के अधिवक्ताओं और व्यापारियों ने संयुक्त रूप से बाजार बंद कराकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने अपने-अपने चैंबर बंद रखे, जबकि व्यापारियों ने स्वेच्छा से दुकानों के शटर गिराकर आंदोलन को समर्थन दिया।सुबह से ही नगर के मुख्य बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर ताले लटके रहे, जिससे शहर का कारोबार पूरी तरह ठप हो गया। वकीलों और व्यापारियों की भारी भीड़ ने नगर के प्रमुख मार्गों पर प्रदर्शन किया, जिससे कई स्थानों पर यातायात प्रभावित रहा और जाम की स्थिति बन गई।

हालात को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए और शहर के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पश्चिम उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों को न्याय के लिए लंबी दूरी तय कर प्रयागराज जाना पड़ता है, जिससे समय, धन और संसाधनों की भारी बर्बादी होती है। हाईकोर्ट बेंच की स्थापना से न केवल आम जनता को राहत मिलेगी, बल्कि न्याय व्यवस्था भी अधिक सुलभ और प्रभावी बनेगी।अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल मुजफ्फरनगर तक सीमित नहीं है। पश्चिम उत्तर प्रदेश के 22 जनपदों में एक साथ वकील सड़कों पर उतरकर हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह मांग दशकों पुरानी है, जिस पर पूर्व में कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।मुजफ्फरनगर जिला बार संघ के महासचिव चंद्रवीर सिंह ने कहा कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना केवल अधिवक्ताओं की नहीं, बल्कि आम जनता की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि आज व्यापारी, किसान, मजदूर और समाज का हर वर्ग इस मांग के समर्थन में एकजुट है। जब तक पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित नहीं हो जाती, तब तक आंदोलन को और तेज किया जाएगा।व्यापारियों ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि न्यायिक सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र के लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हाईकोर्ट बेंच बनने से क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं और व्यापारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रखी। पुलिस प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी।
