मुजफ्फरनगर।क्रिसमस से पहले जिला कारागार में मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक संदेश से भरा एक प्रेरक दृश्य देखने को मिला। होली एंजेल्स कॉन्वेंट स्कूल के छात्र-छात्राओं ने जिला कारागार में पहुंचकर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसने वहां निरुद्ध बंदियों को भावनात्मक रूप से छू लिया।कार्यक्रम की शुरुआत छात्रों द्वारा प्रस्तुत क्रिसमस गीतों से हुई। मधुर गायन और संदेशपरक प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने बंदियों को अपराध से दूर रहकर नए जीवन की शुरुआत करने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों और शिक्षकों ने कारागार परिसर में स्थित पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष आदि का भी भ्रमण किया और बंदियों से संवाद कर उन्हें परिवार जैसी आत्मीयता का अहसास कराया।छात्रों की प्रस्तुति देखकर कई बंदी भावुक नजर आए। स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर जूली ने कारागार प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बंदियों के मानसिक तनाव को कम करने के साथ-साथ उन्हें सुधार की दिशा में प्रेरित करते हैं।

वहीं वाइस प्रिंसिपल के.पी. सिंह ने कहा कि बंदियों से मिलकर बच्चों को जीवन का वास्तविक और अनमोल ज्ञान मिला है, जो उन्हें सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देगा।इस अवसर पर जेल अधीक्षक अभिषेक चौधरी ने कहा कि इस तरह के आयोजन बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। बच्चों द्वारा अपराध छोड़ने का दिलाया गया संकल्प सराहनीय है। उन्होंने स्कूल स्टाफ का आभार जताते हुए छात्रों को उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम के अंत में छात्रों द्वारा बंदियों को फल और बिस्किट वितरित किए गए, जबकि महिला बैरक में गर्म कपड़े भी दिए गए। कार्यक्रम में स्कूल की ओर से कमलाकांत शर्मा, अनुज अग्रवाल, उमा सलमा, निरूपम राजपूत सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। कारागार प्रशासन की ओर से जेलर नीरज कुमार श्रीवास्तव, दीपक सिंह, हेमराज सिंह, अंकित कुमार, यशकेन्द्र यादव सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में बंदी मौजूद रहे।यह आयोजन जेल के भीतर सुधार और संवेदना की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
