मुज़फ़्फरनगर। बिजनौर जनपद के चांदपुर थाना क्षेत्र में जनजीवन नर्सिंग होम पर रविवार दोपहर अचानक मची हलचल ने पूरे स्वास्थ्य विभाग को अचरज में डाल दिया। राज्य महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन अग्रवाल पुलिस टीम के साथ यहां पहुँचीं, जहाँ मुज़फ्फरनगर के सीएमओ डॉ. सुनील कुमार तेवतिया पर अवैध क्लिनिक चलाने, मरीजों से 300 रुपये लेकर इलाज करने और निजी पैथोलॉजी के साथ मिलकर जांचों में उगाही करने के गंभीर आरोप लगाए गए।
सूत्रों के अनुसार जब टीम अचानक डॉक्टर के चेंबर में पहुंची तो वहां पहले से ही मरीज मौजूद थे। जैसे ही डॉक्टर ने पुलिस को आते देखा, वे कुर्सी छोड़कर तेज़ी से उठे और सीधे अटैच्ड टॉयलेट में जाकर खुद को अंदर से बंद कर लिया। टीम और पुलिस बार-बार दरवाज़ा खटखटाती रही, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। आखिर पांच मिनट बाद जब दरवाजा तोड़ने की चेतावनी दी गई, तब जाकर डॉक्टर कांपते हुए बाहर निकले । आरोप है कि क्लिनिक के भीतर दवाइयों की पर्चियाँ, मरीजों की भीड़ और चेंबर पर लगा बोर्ड सब कुछ इस बात की ओर इशारा कर रहा था कि यहां लंबे समय से नियमित इलाज चल रहा था। महिला आयोग सदस्य संगीता जैन अग्रवाल ने आरोप लगाया कि डॉ सुनिल कुमार हर रविवार यहां मरीजों को देखते हैं और एक खास पैथोलॉजी से जांचें कराने को कहते हैं। करीब 15 मिनट तक महिला आयोग सदस्य संगीता जैन अग्रवाल और डॉ. तेवतिया के बीच बहस का एक वीड़ियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। महिला आयोग सदस्य ने दो महीने पुरानी शिकायत का हवाला देते हुए कहा कि तब भी डॉक्टर को अवैध क्लिनिक चलाते पकड़ा गया था और चेतावनी देकर छोड़ा गया था, लेकिन उन्होंने कथित अवैध प्रैक्टिस बंद नहीं की। स्वास्थ्य विभाग में इस पूरी घटना से भारी हड़कंप है।

“दो महीने पहले भी शिकायत के आधार पर मैं इसी क्लिनिक पर गई थी और डॉ सुनिल कुमार को अवैध क्लिनिक न चलाने की चेतावनी दी थी। बावजूद इसके आज फिर वे मरीज देखते मिले। यह साफ तौर पर पद का दुरुपयोग और नियमों का उल्लंघन है। मै इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक को करूंगी।”
संगीता जैन अग्रवाल ,राज्य महिला आयोग सदस्य
“मैं कोई प्रैक्टिस नहीं करता। मैं सिर्फ अपनी पत्नी से मिलने बिजनौर आया था। यह छापा मेरे खिलाफ रची गई साज़िश है। डॉ. मुकेश जैन मुजफ्फरनगर के यहाँ संगीता जैन अग्रवाल के बच्चे का ऑपरेशन हुआ था और उनके बिल पर मेरे काउंटर साइन होने थे। उन्होनें मुझे अपने घर पर बिलो पर साइन करने के लिए बुलाया था। मैं उनके घर साइन करने नहीं गया, इसलिए यह सब जानबूझकर किया गया है।”
डॉ. सुनील कुमार तेवतिया , सीएमओ मुजफ्फरनगर
