मनोज पाल (9911711593 )
मुजफ्फरनगर। मीरापुर विधानसभा क्षेत्र का हैदरपुर वेटलैंड अपनी अद्भुत जैव विविधता, प्रवासी पक्षियों के मोहक कलरव और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त यह रामसर साइट, अब पर्यटन मानचित्र पर एक चमकते नक्षत्र के रूप में उभरने की दहलीज़ पर है। जिला प्रशासन द्वारा शुक्रवार को आयोजित श्पानी की पाठशालाश् कार्यक्रम ने न केवल वेटलैंड संरक्षण के संकल्प को वृहद रूप दिया, बल्कि जल, जंगल और जीवन की परस्पर निर्भरता को भी संजीदगी से लोगों के समक्ष रखा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में सहारनपुर मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने दीप प्रज्वलन के साथ इसका शुभारंभ किया। मां सरस्वती के चित्र पर दीप आराधना ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और प्रकृति-संरक्षण के संकल्प से आलोकित कर दिया।
डॉ. रूपेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि पानी केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन की मूल धारा है। उन्होंने आह्वान किया कि हर नागरिक “जल-संरक्षण का प्रहरी” बने। उन्होंने कहा कि घर से पानी की बोतल साथ ले जाने की छोटी-सी आदत जल-संकट को कम करने में विराट भूमिका निभा सकती है। “पानी खराब नहीं होता, बस हमारी लापरवाही उसे व्यर्थ कर देती है,” उन्होंने कहा। किसानों से पराली न जलाने का आग्रह करते हुए उन्होंने बताया कि पराली को मिट्टी में मिलाना जैविक खाद तैयार करने का श्रेष्ठ उपाय है, जो भूमि की उर्वरता बढ़ाता है और फसल उत्पादन को प्रबल करता है। कार्यक्रम में मुजफ्फरनगर के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, नृत्य-नाटिकाओं और रंगारंग कार्यक्रमों के माध्यम से जल संरक्षण, स्वच्छता, वेटलैंड संरक्षण और पर्यावरणीय चेतना का मार्मिक संदेश दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने स्पष्ट किया कि नई पीढ़ी केवल बदलाव की उम्मीद नहीं, बल्कि बदलाव की धुरी है।

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि हैदरपुर वेटलैंड प्रकृति की वह अनमोल धरोहर है, जहां हर वर्ष हजारों प्रवासी पक्षी अपने नन्हे पंखों में आश्रय, अपनत्व और जीवन का नया चक्र लेकर आते हैं। उन्होंने कहा कि वेटलैंड को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना न केवल आर्थिक संभावनाओं को प्रबल करेगा, बल्कि पर्यावरणीय स्थिरता, पारिस्थितिक संरक्षण और जैव विविधता को नई ऊर्जा देगा। कार्यक्रम में पद्मश्री सम्मानित व्यक्तित्व उमाशंकर पांडे, सेतपाल सिंह और कमल सिंह चौहान की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी गरिमामयी बना दिया। इसके साथ ही एसएसपी संजय कुमार वर्मा, एसपी देहात आदित्य बंसल, मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार, वनाधिकारी अभिनव राजा, अनेक एसडीएम, पुलिस अधिकारी, प्रगतिशील किसान, पत्रकार और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

प्रशासन का पानी की पाठशाला के माध्यम से यह संदेश दिया कि इस अनोखी पारिस्थितिकी को संरक्षित करना, पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ाना और इसे प्रकृति-पर्यटन के आदर्श केंद्र के रूप में हैदरपुर वेटलैंड को स्थापित करना ही भविष्य में लक्ष्य ींप । इसके विकसित होने से स्थानीय समुदाय को जीविकोपार्जन के नए अवसर प्राप्त होंगे और जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ होगी। कार्यक्रम के अंत में मंडलायुक्त डॉ रूपेश कुमार ने सभी को पर्यावरण संरक्षण के लिए शपथ भी दिलाई |

सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर मंडलायुक्त का गंभीर संदेश “हमारा कल, हमारी जिम्मेदारी”
कार्यक्रम में मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर रोक लगाने को लेकर अत्यंत संवेदनशील और प्रभावशाली संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हम सभी को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों को समझते हुए इसके प्रयोग को कम करना होगा। उन्होंने कहाकृ
“समस्या पैसे की नहीं, सोच की है। हम बोतल खरीदकर पानी पी लेते हैं और प्लास्टिक प्रकृति को जहर बनकर लौटता है।” उन्होंने कहा कि प्लास्टिक का कचरा नदियों, मिट्टी, हवा और जीव-जंतुओं सभी को प्रदूषित करता है। जब जल और वायु असुरक्षित हो जाएंगे, तो आने वाली पीढ़ियां किस विरासत को संभालेंगी? इसलिए हर व्यक्ति को संकल्प लेना होगा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक से यथासंभव दूरी बनाई जाए और पुनः प्रयोज्य सामग्री अपनाई जाए। उन्होंने अंत में कहा कि जल और वायु सुरक्षित होंगे तभी हमारा भविष्य सुरक्षित होगा।
