मुजफ्फरनगर। यहियापुर गांव में बुधवार को लगी कृषि चौपाल में 500 से अधिक किसानों ने भाग लेकर योगी सरकार की कृषि नीतियों और योजनाओं को किसानों के लिए बड़ा सहारा बताया। किसानों ने कहा कि पिछले साढ़े आठ वर्षों में प्रदेश में खेती-किसानी की स्थिति बेहतर हुई है। उन्हें किसान सम्मान निधि, पीएम कुसुम योजना, एमएसपी, सिंचाई सुविधाएं, सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएँ सहज रूप से उपलब्ध हुई हैं, जिससे खेती करना आसान हो गया है और किसान आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़े हैं।किसानों ने बताया कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के जरिए सरकार और अधिकारियों ने सीधे ग्रामीण स्तर पर संवाद किया है। हजारों गांवों में हुए कार्यक्रमों से किसानों को मिट्टी परीक्षण, भूमि सुधार, सिंचाई प्रबंधन और आधुनिक खेती की तकनीकों के बारे में उपयोगी जानकारी मिली है, जिसका लाभ खेतों में दिख रहा है।

उन्होंने कहा कि निःशुल्क मिनीकिट, अनुदान पर बीज और कृषि यंत्र मिलने से खेती की लागत कम हुई है और उत्पादन में बढ़ोतरी हो रही है।किसानी में मशीनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए बनाए गए कृषि यंत्र बैंक भी किसानों के लिए मददगार साबित हो रहे हैं। ई-लॉटरी के माध्यम से पारदर्शी तरीके से यंत्र वितरित किए जाने से हजारों किसानों को लाभ मिला है। किसान पाठशाला के जरिए किसानों को नई तकनीक और फसलों की उन्नत जानकारी मिल रही है, जिससे खेती वैज्ञानिक ढंग से करने की प्रेरणा मिली है।गन्ना किसानों ने भी सरकार द्वारा 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि को बड़ा राहत कदम बताया। उन्होंने कहा कि अगेती प्रजाति का मूल्य 400 रुपये और सामान्य प्रजाति का 390 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने से आय में बढ़ोतरी हुई है और पेराई सत्र में अतिरिक्त भुगतान ने किसानों को मजबूती दी है।कृषि चौपाल में सुनील प्रधान, मनोज चौधरी, जगमेर सैनी, शिवेश कुमार, नूर मोहम्मद, पद्म सिंह, कंवर सिंह सहित कई किसान मौजूद रहे। किसानों ने कहा कि सरकार का यह निरंतर संवाद और सहयोग उन्हें नई दिशा दे रहा है।
