मुजफ्फरनगर। थाना छपार पुलिस ने ट्रांसफार्मर व ट्यूबवेल से उपकरण चोरी करने वाले गैंग के तीन शातिर बदमाशों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गैंग के दो बदमाश घायल हो गए, जबकि तीसरे को कॉम्बिंग के दौरान दबोचा गया। गैंग द्वारा की गई चोरी की घटनाओं के पांच मुकदमों का अनावरण भी पुलिस ने कर दिया है।मेरठ जोन के एडीजी, सहारनपुर रेंज के डीआईजी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में, पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत एवं क्षेत्राधिकारी सदर डॉ. रवि शंकर के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष छपार मोहित कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पुलिस टीम बीती रात संदिग्ध वाहनों व व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि तेजलहेड़ा–खिंडड़िया मार्ग पर चोरी करने वाला गैंग सक्रिय है।

पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो आरोपियों ने ट्रांसफार्मर से उपकरण चोरी करते हुए पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में दो आरोपियों – नूरशाह उर्फ रिहान और गुलफाम को घायलावस्था में गिरफ्तार कर लिया।मौके से फरार तीसरे आरोपी चांद मोहम्मद को पुलिस ने कुछ देर बाद घेराबंदी कर पकड़ लिया। घायल आरोपियों को उपचार हेतु अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 80 किलोग्राम तांबे की कॉयल, 150 किलोग्राम लोहे की पत्ती, 40 किलोग्राम एलटी तार, स्टार्टर, 8 हजार रुपये नकद, चोरी में प्रयुक्त औजार सहित दो तमंचे, जिंदा व खोखा कारतूस बरामद किए हैं।पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया कि वे छपार क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों से 15–20 स्थानों पर ट्रांसफार्मर और ट्यूबवेलों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी नूरशाह, गुलफाम और चांद मोहम्मद के खिलाफ पहले से भी कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें विद्युत अधिनियम, बीएनएस, लूट, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट के मामले शामिल हैं। पुलिस द्वारा इनके विस्तृत आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।इस मुठभेड़ और गिरफ्तारियों में उपनिरीक्षक राहुल वर्मा, उपनिरीक्षक दीपक कुमार, हेड कांस्टेबल शैलेन्द्र भाटी, उपनिरीक्षक अक्षय खारी, कांस्टेबल पुष्पेन्द्र कुमार, कांस्टेबल सोनवीर एवं कांस्टेबल अंकित की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
