मुज़फ्फरनगर।महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और राष्ट्रीय बाल आयोग के निर्देश पर पुलिस लाइन सभागार में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण को लेकर मासिक संगोष्ठी आयोजित हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा और पुलिस अधीक्षक अपराध इंदू सिद्धार्थ ने की। संगोष्ठी में बाल कल्याण समिति अध्यक्ष रीना पवार, स्वास्थ्य विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, श्रम विभाग, सामाजिक कार्यकर्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व जिले के सभी थानों से आए बाल अधिकारी शामिल हुए। पुलिस अधीक्षक अपराध इंदू सिद्धार्थ ने नशे में लिप्त बच्चों, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति और अन्य कुरीतियों के खिलाफ चल रहे अभियानों को और तेज करने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

थाना एएचटी प्रभारी जय सिंह भाटी ने बाल अधिकारियों को ग्राम रजिस्टर, प्रवासी लोगों के सत्यापन और नाबालिग बालिकाओं को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन संस्था और ग्रामीण समाज विकास केंद्र की ओर से प्रबंधक गजेंद्र सिंह ने “बाल विवाह मुक्त भारत” के 100 दिवसीय अभियान पर चर्चा करते हुए सभी विभागों और स्वास्थ्य प्रतिनिधियों से इस अभियान को व्यापक रूप से प्रचारित करने और जागरूकता बढ़ाने की अपील की। संगोष्ठी में उपस्थित सभी विभागों के प्रतिनिधियों को बाल विवाह न होने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, कारा विभाग, श्रम विभाग, जिला प्रोबेशन कार्यालय और विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव रखे। गोष्ठी का संचालन एएचटी प्रभारी जय सिंह भाटी ने किया।
