सीएसए के मशरूम प्रशिक्षण प्रभारी डॉक्टर एस के विश्वास ने बताया कि इसका उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि युवाओं, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से प्रशिक्षण शुरू किया गया है। जिसमें आज रजिस्ट्रेशन के माध्यम से 75 प्रशिक्षार्थियों ने सहभागिता की।

मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम के मौके पर डॉ एस के विश्वास ने बताया कि मशरूम उत्पादन एक लाभदायक कृषि उद्यम है, जिसमें कम लागत और कम जगह में अच्छी कमाई की जा सकती है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को न सिर्फ मशरूम उगाने की तकनीकी जानकारी प्रदान करेगा। बल्कि उन्हें बाजार से जोड़ने और अपने उत्पादों की बिक्री करने में भी सहायता करेगा।

डॉ विश्वास ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को मशरूम की विभिन्न किस्मों, कम्पोस्ट तैयार करने, बीज बोने, रख-रखाव, कटाई और विपणन की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशिक्षण का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास के माध्यम से गरीबी उन्मूलन और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ग्रामीण युवाओं को उद्यमी बनने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेगा।

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