गांव नाइयों में एक दिल दहला देने वाली घटना में 11 साल की मनीषा ने बताया कि उसकी मां पूजा ने अपने प्रेमी गीतेश और उसके नाबालिग भांजे के साथ मिलकर उसके पिता की हत्या कर दी। मनीषा का कहना है कि वह रात को अपने प父 को शोर सुनकर बचाने आई थी, लेकिन उसे धमकाकर चुप कर दिया गया। मनीषा की बात सुनकर यह स्पष्ट होता है कि उस रात उनके घर का माहौल कितना तनावपूर्ण था। घटना के बाद मनीषा और उसकी दो छोटी बहनों को उनकी बुआ बबीता ने अपने पास रखा है, जबकि मां पूजा जेल में है। मनीषा इस स्थिति को लेकर काफी परेशान है और अपनी मां को अपना नाम लेने में शर्म अनुभव करती है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए, दैनिक भास्कर की टीम ने गांव का दौरा किया, जहां उन्होंने मनीषा और उसकी बहनों की स्थिति का मुआयना किया। मनीषा, सुनीता (8) और लक्ष्मी (6) बबीता के घर पर रह रही हैं। बबीता का कहना है कि वह बच्चियों का अच्छी तरह ख्याल रखने की कोशिश करेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि उन्हें किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। ग्रामीण भी बच्चियों का समर्थन कर रहे हैं और उनकी भलाई के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
मनीषा ने अपनी बातों में यह बताया कि उसके पिता गूगली, जो गाजियाबाद में काम करते थे, अपनी पत्नी पूजा के अवैध संबंधों से चिंतित थे। हालात तब और बिगड़ गए जब गूगली ने अपने बेटियों को लेकर संभल आना तय किया। यहाँ पहुँचकर गूगली अपने परिवार के साथ गीतेश के घर गया, लेकिन वहां झगड़ा हो गया। मनीषा ने कहा कि उसके पिता गीतेश और पूजा को रोकने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनकी जान ले ली गई।
8 मई को जब गांव में मिट्टी उठाने का काम हो रहा था, तभी जेसीबी की खुदाई के दौरान गूगली का शव मिला। पुलिस मामले की जांच में जुट गई और अंततः मम्मी पूजा, उसके प्रेमी गीतेश और नाबालिग भांजे को गिरफ्तार किया। यह घटना न केवल मनीषा और उसकी बहनों के लिए बल्कि पूरे गांव के लिए एक चेतावनी बन गई है। गांव के लोग इन बच्चियों के लिए सरकारी सहायता की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें अच्छे से पढ़ाई करने का अवसर मिले। इसके साथ ही, ये भी सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि इन बच्चियों को अपने परिवार का प्यार और सहारा मिल सके।
इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है और समाज में पारिवारिक संबंधों की जटिलता को सामने लाया है। मनीषा और उसकी बहनों की शिक्षा, स्वास्थ्य और समृद्ध भविष्य के लिए हर संभव मदद की आवश्यकता है। ग्रामीण और प्रशासनिक दोनों स्तर पर इस मामले को संज्ञान में लेने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके।
