साल 2006 के मुंबई सीरियल लोकल ट्रेन ब्लास्ट मामले में महाराष्ट्र सरकार को एक बड़ा झटका लगा है। मुंबई हाई कोर्ट ने इस मामले के सभी 11 आरोपियों को बरी कर दिया है। आज 21 जुलाई को हाई कोर्ट ने दोषियों की सजा के खिलाफ लंबित सभी 11 याचिकाओं का निपटारा कर दिया जिससे 19 साल बाद सभी आरोपी रिहा हो गए। बता दें कि ट्रायल कोर्ट ने इनमें से 5 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई थी और 7 लोगों को उम्रकैद की सजा हुई थी। सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई थी।

क्या हुआ था 19 साल पहले?

19 साल पहले 11 जुलाई 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेनों में 7 सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। इन भीषण धमाकों में 189 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए थे। यह घटना मुंबई के इतिहास के सबसे भयानक आतंकी हमलों में से एक थी।

महाराष्ट्र ATS (आतंकवाद निरोधक दस्ता) ने इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार करके केस चलाया था। साल 2015 में 9 साल तक चली सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट ने 12 आरोपियों को दोषी ठहराया था। इनमें से 5 को फांसी की सजा और 7 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। हालाँकि 8 साल तक चली कानूनी कार्रवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई थी। बाकी बचे 11 दोषियों ने अपनी सजा के खिलाफ मुंबई हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी जिस पर आज अंतिम फैसला आया है।

मुंबई हाई कोर्ट के इस फैसले से पीड़ित परिवारों और सरकार के लिए एक नई स्थिति उत्पन्न हो गई है। यह देखना होगा कि महाराष्ट्र सरकार अब इस फैसले को चुनौती देती है या नहीं।

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