मुंबई में सेक्सटॉर्शन रैकेट का पर्दाफाश करने का मामला सामने आया जिसमें जम्मू-कश्मीर T-20 लीग से जुड़ी एक महिला क्रिकेटर को उसके भाई के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दोनों को नई दिल्ली के एक होटल से गिरफ्तार किया। इस मामले में उनके एक और साथी को भी श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 30 वर्षीय फरखंदा खान और उसके 27 वर्षीय भाई बाजिल खान के रूप में हुई है। इनके सहयोगी उद्दीन इम्तियाज वानी (22) को भी बाद में गिरफ्तार किया गया।

जांच के मुताबिक, कोलाबा के एक 28 वर्षीय कारोबारी की साल 2024 में सोशल मीडिया के जरिए फरखंदा अज़ीज़ खान नाम की महिला से पहचान हुई। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई। इसी दौरान महिला ने भरोसा जीतकर कारोबारी को अपने जाल में फंसा लिया। धीरे-धीरे अश्लील बातें शुरू कीं इसी का फायदा उठाकर आरोपी महिला ने कारोबारी को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। प्राइवेट चैट और स्क्रीनशॉट वायरल करने की धमकी देकर उससे पैसे वसूले गए। इतना ही नहीं, झूठे केस में फंसाने और जेल भिजवाने की धमकी देकर उसे मानसिक रूप से भी दबाव में रखा गया। बदनामी के डर से पीड़ित लगातार पैसे देता रहा।

पुलिस जांच में सामने आया कि अप्रैल 2024 से जनवरी 2026 के बीच आरोपी गिरोह ने 32 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 23.61 लाख रुपये वसूले। इसके बाद जनवरी 2026 में दबाव बढ़ाते हुए करीब 40 लाख रुपये और ऐंठ लिए गए। इस तरह कुल रकम 60 लाख रुपये से ज्यादा हो गई।

इस रैकेट में महिला के भाई बाजिल अज़ीज़ खान और उसके सहयोगी इम्तियाज वानी भी अहम भूमिका निभा रहे थे। पुलिस के अनुसार, वसूली गई रकम का बड़ा हिस्सा वानी के बैंक खाते में ट्रांसफर किया गया, जबकि बाकी रकम अन्य खातों में बांटी गई। इससे साफ है कि यह एक संगठित गिरोह था, जो Planned तरीके से काम कर रहा था।

क्राइम ब्रांच ने तकनीकी सर्विलांस और बैंक लेनदेन की गहन जांच के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई। कार्रवाई के दौरान महिला और उसके भाई को नई दिल्ली के एक होटल से गिरफ्तार किया गया, जबकि तीसरे आरोपी को श्रीनगर से पकड़ा गया। फिलहाल तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और IT Act की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और संभावित पीड़ितों की भी तलाश कर रही है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights