विधायक रमन अरोड़ा के गिरफ्तार होने के बाद उनके किस्से लगातार बाहर निकल रहे है। बीते साल अगस्त माह में थाना चार की पुलिस द्वारा पकड़े सी.बी.आई. के फर्जी स्पैशल ऑफिसर को भी विधायक के दबाव के कारण छोड़ना पड़ा था। आरोपी को छुड़वाने के लिए 24 लाख रुपए का लेनदेन हुआ था जो सीधे रमन अरोड़ा तक पहुंचाए गए थे। रमन अरोड़ा का लेनदेन सिर्फ नगर निगम ताक सीमित नहीं था। विधायक ने अपना सम्राज्य सैंट्रल हलके के अधीन आते सभी थानों में फैला रखा था और थाने के काम करने या फिर अधिकारियों को फोन करने की ड्यूटी विधायक के पी.ए. की होती थी।

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दरअसल एक लड़की के मामले में कपूरथला का व्यक्ति कूदा था और खुद को सी.बी.आई. का स्पैशल ऑफिसर बता रहा था। उसकी ड्रेस से लेकर हाथ में पकड़े वॉकी टॉकी देख सामने बैठे लोग भी डर गए। इस व्यक्ति ने सी.बी.आई. की धौंस दिखा कर जम कर विवाद भी किया था। लोगों को जब शक हुआ था उन्होंने इस व्यक्ति से आई.डी. कार्ड दिखाने को कहा, जिसके बाद जैसे ही उसने अपना आई.डी. कार्ड निकाला तो वह फर्जी होने पर लोगों ने थाना चार की पुलिस बुला ली।

पुलिस व्यक्ति को थाने ले गई जिसने मान भी लिया कि सी.बी.आई. का कार्ड फर्जी है लेकिन जैसे ही युवक के पक्ष से लग्जरी गाड़ियों में सवार होकर आए परिजनों और समर्थकों ने विधायक रमन अरोड़ा तक सारा मामला पहुंचाया तो विधायक ने थाना चार के प्रभारी पर दबाव डाला और पुलिस को उक्त व्यक्ति छोड़ना पड़ गया था। उस समय कपूरथला का फर्जी स्पैशल ऑफिसर थाने से तो चला गया लेकिन बाद में पता लगा कि उस व्यक्ति को छुड़वाने के लिए 24 लाख रुपए की सैटिंग हुई है। हालांकि पुलिस ने तब यह कह कर पल्ला छाड़ लिया था कि वह व्यक्ति मानसिक रोगी है लेकिन कुछ ही समय बाद उक्त की शादी भी गई थी। ऐसे कई मामले है जिसमें विधायक ने बीच में पड़ कर कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाने के पैसे लिए तो कई लोगों को छुड़वाने के लिए भी फीस ली। विधायक के गिरफ्तार होने के बाद उनके इलाके में पड़ते थानों के एस.एच.ओ. ने राहत की सांस ली है क्योंकि विधायक की थानों में भी बेहद दखल अंदाजी थी।

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