मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बुधवार सुबह बड़ा रेल हादसा हो गया। चुनार रेलवे स्टेशन पर गोमो–प्रयागराज एक्सप्रेस से उतरे श्रद्धालु जब गलत दिशा से ट्रैक पार कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार कालका मेल एक्सप्रेस की चपेट में आने से छह लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मौके पर मौजूद यात्रियों में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।जानकारी के अनुसार, सुबह करीब सवा नौ बजे यह घटना तब हुई जब कार्तिक पूर्णिमा के गंगा स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालु गोमो–प्रयागराज एक्सप्रेस से उतरकर प्लेटफार्म नंबर चार से नंबर तीन की ओर ट्रैक पार कर रहे थे। उसी दौरान प्लेटफार्म नंबर तीन से गुजर रही कालका मेल ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। ट्रेन की रफ्तार इतनी तेज थी कि शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए और उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया।
मरने वालों में सविता पत्नी राजकुमार, साधना पुत्री विजय शंकर बिंद, शिव कुमारी पुत्री विजय शंकर, अप्पू देवी पुत्री श्याम प्रसाद, सुशीला देवी पत्नी स्वर्गीय मोतीलाल निवासी महुआरी थाना पड़री और कलावती देवी पत्नी जनार्दन यादव निवासी बसवा थाना कर्मा (सोनभद्र) शामिल हैं। सभी श्रद्धालु कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने के लिए मिर्जापुर पहुंचे थे।घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और शवों को ट्रैक से हटवाकर पहचान की प्रक्रिया शुरू की। एएसपी ऑपरेशन मनीष कुमार मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और स्टेशन पर मौजूद यात्रियों से जानकारी ली। रेलवे प्रशासन ने बताया कि हादसे का कारण यात्रियों द्वारा फुट ओवर ब्रिज की बजाय सीधे ट्रैक पार करना रहा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे प्लेटफार्म पार करने के लिए केवल फुट ओवर ब्रिज या सबवे का ही उपयोग करें, क्योंकि लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।यह हादसा एक बार फिर चेतावनी देता है कि थोड़ी सी जल्दबाजी और असावधानी से कितनी बड़ी त्रासदी हो सकती है। छह जिंदगियों के साथ कई परिवारों की खुशियां पलभर में उजड़ गईं। रेलवे ने स्टेशन पर सुरक्षा के और कड़े इंतजाम करने की बात कही है।
