मुजफ्फरनगर | थाना कोतवाली क्षेत्र में 11 माह के बच्चे की हत्या और महिला पर जानलेवा हमले के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पीड़िता के दो सगे नाबालिग भाइयों को पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है।
विदित है कि सोमवार/मंगलवार की रात को कोतवाली क्षेत्र के शामली बस स्टैंड के निकट किराए के मकान में रहने वाली छोटी नामक महिला पर हमला किया गया था। इस घटना में उसका 11 माह का बच्चा मौत का शिकार हो गया।पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात को महिला के ही दो नाबालिग भाइयों ने अंजाम दिया। दोनों भाइयों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उनकी बहन ने अपनी मर्जी से शादी की थी, जिससे परिवार और समाज के लोग नाराज थे। आस-पड़ोस के तानों के चलते सामाजिक प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए दोनों भाइयों ने बहन की हत्या का प्रयास किया।पूछताछ में उन्होंने बताया कि वारदात के दौरान पहले महिला के पैर बेल्ट से बांधे और गला घोटने की कोशिश की। तभी महिला की नींद खुल गई और वह बच्चे को लेकर भागने लगी। छीना-झपटी में बच्चा नीचे गिर गया और उसका गला दब जाने से मौत हो गई।
एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने पुलिस लाइन स्थित सभागार में जानकारी देते हुए बताया कि महिला का पति बागपत जेल में बंद है। महिला समय-समय पर पति से जेल में मिलने जाती थी, जिसका उसके भाइयों ने विरोध किया। इसी बात को लेकर सोमवार की रात विवाद हुआ और रात्रि में दोनों भाइयों ने मिलकर महिला की हत्या का प्रयास किया।पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों भाई नाबालिग होने के साथ मजदूरी करते थे। एक चाऊमीन के ठेले पर काम करता था, जबकि दूसरा नाई की दुकान पर बाल काटना सीख रहा था। फिलहाल महिला की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है।इस महत्वपूर्ण खुलासे में कोतवाली प्रभारी उमेश ओरिया, निरीक्षक अपराध विपिन त्यागी( बाल कल्याण अधिकारी), उपनिरीक्षक देवपाल सिंह, कांस्टेबल अमित एवं सैनी शर्मा आदि का अहम योगदान रहा।
