तहसील उरई के ग्राम चिल्ली स्थित दीप्ति गुप्ता के पक्ष में स्वीकृत भंडारण स्थल का जिला प्रशासन की टीम के साथ सोमवार को संयुक्त रूप से ड्रोन के माध्यम से सर्वेक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान यह आंकलन किया गया कि ड्रोन तकनीक से भंडारण स्थलों पर उपखनिज की कुल मात्रा का वैज्ञानिक व सटीक अनुमान कैसे लगाया जा सकता है।

विशेष सचिव ने कहा कि यदि अन्य जनपद भी इस तकनीक का उपयोग करेंगे तो अवैध खनन कर किए गए भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। निरीक्षण के उपरांत विशेष सचिव/अपर निदेशक ने सर्किट हाउस, उरई में राजस्व एवं खनन विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने राजस्व प्राप्ति में वृद्धि तथा अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर कड़ाई से नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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