शनिवार दोपहर (स्थानीय समयानुसार), संसद भवन के सामने पार्लियामेंट स्क्वायर में ‘डिफेंड आवर ज्यूरिज़’ नामक समूह के आह्वान पर सैकड़ों लोग जुटे। प्रदर्शनकारियों ने बैनर और पोस्टर के जरिए फिलिस्तीन एक्शन के समर्थन के संदेश प्रदर्शित किए, जबकि पुलिस ने पहले ही चेतावनी दी थी कि ऐसे किसी भी कदम को आतंकवाद निरोधक कानून के तहत अपराध माना जाएगा।
ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध फिलिस्तीन या उसके अधिकारों पर विरोध-प्रदर्शन की स्वतंत्रता को प्रभावित नहीं करता, बल्कि यह केवल एक विशेष संगठन की गतिविधियों पर लागू है। मंत्रालय के अनुसार, शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र की नींव है और इसे सुरक्षित रखा जाएगा।
मेट्रोपॉलिटन पुलिस के डिप्टी असिस्टेंट कमिश्नर अडे अडेलकन ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को, जो प्रतिबंधित संगठन के समर्थन में पाया जाएगा, गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आतंकवाद अधिनियम के तहत गिरफ्तारी भविष्य में यात्रा, रोजगार और वित्तीय मामलों पर गंभीर असर डाल सकती है।
आने वाले दिनों में लंदन में दो और रैलियां होंगी – एक फिलिस्तीन कोएलिशन द्वारा और दूसरी ‘स्टॉप द हेट’ नामक प्रो-इजराइल समूह द्वारा। दोनों मार्च क्रमशः रसेल स्क्वायर से व्हाइटहॉल और अन्य निर्धारित मार्गों पर आयोजित किए जाएंगे।
