मंत्रालय के मुताबिक, सोनीपत में आयोजित कार्यक्रम में इस पहल के तहत 72 मार्गदर्शक शहर और लगभग 200 प्रशिक्षित शहर शामिल हैं। शीर्ष प्रदर्शन करने वाले शहरों को स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के सुपर स्वच्छ लीग में शामिल किया गया, जबकि कम प्रदर्शन करने वाले शहरों को उनके भौगोलिक निकटता के आधार पर मार्गदर्शक शहरों के साथ जोड़ा गया। इसका उद्देश्य प्रशिक्षित शहरों को मेंटर शहरों से सीखकर अपने स्वच्छता परिणामों में सुधार करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना है।

मनोहर लाल ने कहा कि पहल का उद्देश्य अंत्योदय की भावना यानी कोई भी शहर पीछे न छूटे और हर शहर मिशन के सामूहिक ज्ञान भंडार से लाभान्वित हो, पर आधारित है। यह कार्यक्रम समयबद्ध और परिणाम-संचालित है, जो शहरी अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में सबसे बड़ा संरचित मेंटरशिप ढांचा प्रदान करती है।

इसी 26 अगस्त को मंत्रालय ने पहल के दिशानिर्देश जारी किए थे, जिसमें संरक्षक और प्रशिक्षित शहरों की जोड़ी बनाई गई। इस पहल के 100-दिवसीय चरण के दौरान, जोड़ीबद्ध शहर अनुभव साझा करेंगे, ज्ञान हस्तांतरण करेंगे और सहयोगात्मक कार्य योजनाएं विकसित करेंगे। मंत्रालय ने बताया कि इस पहल का प्रभाव और प्रगति 2026 में होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण के परिणामों में देखा जाएगा।

कार्यक्रम में आवास एवं शहरी मामलों के राज्यमंत्री तोखन साहू, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, विभिन्न राज्यों के शहरी विकास मंत्री, महापौर और सचिव एस. कटिकिथला उपस्थित रहे। एसएसजे पहल स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत संचालित है और इसे शहरी अपशिष्ट प्रबंधन में सबसे बड़ा संरचित और समयबद्ध मेंटरशिप ढांचा माना जा रहा है।

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