उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने मन की बात में छठ पर्व को संस्कृति, प्रकृति और समाज की एकता का पवित्र प्रतीक बताया — जो लोक आस्था, मातृशक्ति और स्वच्छता का अनूठा संगम है। प्रधानमंत्री ने “मन की बात” संवाद के जरिए प्रत्येक नागरिक से ‘विकसित भारत’ के संकल्प को अपना व्यक्तिगत दायित्व बनाने का आह्वान किया। उनके प्रेरणादायी शब्दों में राष्ट्र की ऊर्जा, आत्मविश्वास और उज्जवल भविष्य की झलक स्पष्ट दिखाई दी। प्रधानमंत्री ने आगामी 31 अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाली रन फार युनिटी में समाज के हर वर्ग से जुड़ने का आह्वान किया।
मंत्री नन्दी ने कहा कि मन की बात’ ने करोड़ों भारतीयों को अपने कार्य और सोच में सुधार लाने, समाज सेवा से जुड़ने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया है।
इस अवसर पर पूर्व राज्य मंत्री बाबू लाल भंवरा, भाजपा महानगर उपाध्यक्ष अनिल कुमार केसरवानी झल्लर, पार्षद आकाश सोनकर, उपेंद्र सिंह, मंडल अध्यक्ष कबीर जायसवाल, बूथ अध्यक्ष गौतम घोष, सेक्टर संयोजक पवन दुबे, मनोज गुप्ता एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
