मिठास एवं प्रगति का संगम बना उत्तर प्रदेश आम महोत्सव

–आम महोत्सव बागवानों के लिए उत्पादों को प्रदर्शित करने का मंच : मंत्री अरुण कुमार सक्सेना

लखनऊ, 06 जुलाई (हि.स.)। अवध शिल्प ग्राम, लखनऊ में तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2025 का समापन रविवार को पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विजेताओं को सम्मानित किया।

इस समापन समारोह में वन एवं पर्यावरण, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. अरुण कुमार सक्सेना, आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल, विधान परिषद सदस्य जितेन्द्र सिंघल, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, जिला पंचायत, रायबरेली की अध्यक्ष रंजना चौधरी, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा, निदेशक भानु प्रकाश राम संयुक्त निदेशक सर्वेश कुमार व राजीव वर्मा सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने प्रदेश के बागवानों से आह्वान किया कि नई तकनीकों को अपनाकर आम उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाएँ। उन्होंने फ्रूट बैगिंग, जैविक खेती, और निर्यात केंद्रित उत्पादन पर बल देते हुए बताया कि सरकार जेवर एयरपोर्ट के पास इंटीग्रेटेड टेस्टिंग एंड ट्रीटमेंट फैसिलिटी स्थापित कर रही है। साथ ही आगरा में अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र की दक्षिण एशियाई शाखा की स्थापना और हाईटेक नर्सरी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी संरचनात्मक योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसानों का सम्मान एवं स्वाभिमान हमारी सरकार की प्राथमिकता है। इस महोत्सव में आम उत्पादकों की मेहनत से 15 ग्राम से 05 किलोंग्राम तक के आम प्रदेश के लोगों को देखने को मिले। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आम महोत्सव मिठास एवं प्रगति का संगम बना है।

मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि फलों से वाइन उत्पादन के लिए प्रदेश सरकार द्वारा नीति बनाई गई है। मलिहाबाद-माल क्षेत्र में आम वाइन प्लांट स्थापित हो चुका है और मेरठ, मुजफ्फरनगर, बरेली में भी जल्द ऐसे संयंत्र शुरू होंगे।

मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि आम बागवानों के लिए आम महोत्सव उनके उत्पादों को प्रदर्शित करने का एक बड़ा मंच प्रदान करता है। यहां पर अनेक प्रकार के आम लोगों को देखने और चखने को मिले। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण हेतु पौधरोपण करने की अपील की।

समापन समारोह में आम की विभिन्न की विभिन्न प्रजातियों की 07 श्रेणियों के 46 वर्गों की प्रतियोगिता में 45 विजेताओं को प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान हेतु कुल 122 पुरस्कार तथा संरक्षित आम उत्पादों की 11 वर्गों के 22 विजेताओं द्वारा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के कुल 29 पुरस्कार और आम के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्श के विजेता मोहम्मद अब्दुल सलीम को अम्बिका प्रजाति के प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्श पुरस्कार प्रदान किया गया।

सर्वाधिक पुरस्कार पाने वालों में अब्दुल सलीम को 21, इकबाल अहमद को 15 और एस.सी. शुक्ला को 11 पुरस्कार प्राप्त हुए। 121 प्रजातियों के प्रदर्श प्रदर्शन हेतु एस.सी. शुक्ला को प्रथम, 72 प्रजातियों के लिए पद्मश्री हाजी कलीमुल्ला खान को द्वितीय और 63 प्रजातियों के लिए अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति को तृतीय पुरस्कार मिला।

महोत्सव में दशहरी, लंगड़ा, चौसा, गौरजीत, लखनऊ सफेदा, रटौल, आम्रपाली, जैसी पारंपरिक किस्मों के साथ टॉमी एटकिन्स, सन्सेशन, अरुणिका, अम्बिका जैसी रंगीन किस्में भी आकर्षण का केंद्र रहीं। अंगूर दाना (15 ग्राम), हाथीझूल (5 किलो) जैसी प्रजाति लोगों को आकर्षित करतीं रहीं।

By editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights