मुज़फ्फरनगर। द.एस.डी पब्लिक स्कूल में भारतीय मानक ब्यूरो देहरादून शाखा कार्यालय, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में ‘मानक महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों, अभिभावकों और जनसामान्य में गुणवत्ता, मानकीकरण और सतत विकास लक्ष्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम में एसपी क्राइम इंदू सिद्धार्थ मुख्य अतिथि के रूप में तथा सपना कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। विद्यालय की परंपरा के अनुसार अतिथियों का स्वागत पौधा भेंटकर किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और गणेश वंदना के साथ हुआ, जिसमें प्रधानाचार्य नीलम माहना, बीआईएस जिला समन्वयक राजीव वर्मा और उनके सहयोगी सदस्य मौजूद रहे।विद्यार्थियों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं और एक प्रेरक नाट्य मंचन के माध्यम से गुणवत्ता एवं मानकों के महत्व पर संदेश दिया। उनकी प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को ऊर्जा और उत्साह से भर दिया।

मुख्य अतिथि इंदू सिद्धार्थ ने विद्यार्थियों को साइबर क्राइम और ऑनलाइन सुरक्षा से संबंधित एक शिक्षाप्रद वीडियो दिखाया और डिजिटल युग में सुरक्षित उपभोक्ता बनने के पाँच स्वर्णिम नियम बताए। उन्होंने कहा कि ‘आज के समय में तकनीकी प्रगति के साथ जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है। एक सजग उपभोक्ता ही सुरक्षित समाज की नींव रखता है।’ विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों द्वारा एक आकर्षक विज्ञान प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें उनके नवाचारपूर्ण मॉडल और प्रयोगों ने सबका ध्यान खींचा। साथ ही लगभग 300 अभिभावकों के लिए ‘गुणवत्ता एवं उपभोक्ता जागरूकता क्विज’ का आयोजन किया गया, जिसमें अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और गुणवत्ता से संबंधित अपने ज्ञान का प्रदर्शन किया।

प्रधानाचार्य नीलम माहना ने कार्यक्रम के समापन पर आए हुए सभी अतिथियों, बीआईएस टीम और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ‘ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में न केवल सीखने की भावना जगाते हैं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार और सजग नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।’ बीआईएस टीम की ओर से जिला समन्वयक राजीव कुमार वर्मा, शुचि द्विवेदी, पूनम वत्स और आशीष वर्मा ने विद्यालय प्रबंधन को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। ‘मानक महोत्सव’ द.एस.डी पब्लिक स्कूल परिवार के लिए एक ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और स्मरणीय अनुभव रहा, जिसने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों में गुणवत्ता, सुरक्षा और जिम्मेदारी के प्रति नई सोच विकसित की।
