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राज्यपाल ने कहा कि संविधान में ‘लोक’ यानी जनता को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। लोक ही राष्ट्र की शक्ति है, लोक ही लोकतंत्र की आत्मा है। उन्होंने कहा कि ‘लोक भवन’ जनता की सेवा की उस पवित्र भावना का प्रतीक है, जिसमें हर नागरिक इस भवन का अपना हिस्सा महसूस करे। उन्होंने कहा कि यह भवन केवल प्रशासनिक प्रतिष्ठान का प्रतीक नहीं, बल्कि उत्तराखंड के हर व्यक्ति की आकांक्षाओं, उम्मीदों और विश्वास का घर है। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि लोक भवन सचमुच ‘लोक’ के लिए, ‘लोक’ के साथ और ‘लोक’ के समर्पण में कार्य करेगा।

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