केन्द्र सरकार की उड़ान योजना में सरकार ने बीते 11 साल में देश को 74 हवाई अड्डों से 162 हवाई अड्डों तक पहुंचा दिया और इस दौर में हवाई यात्रियों की संख्या 16.8 करोड़ से बढ़ कर 41.2 करोड़ तक हो गई है।

इस योजना के अगले चरण में उड़ान एवं यात्री संख्या की दृष्टि से छोटे हवाई अड्डों वाले शहरों एवं आसपास के शहरों, कस्बों के निकट अपेक्षाकृत बड़े हवाई अड्डे को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के हिसाब से विकसित करने की योजना पर निजी हवाई अड्डा आपरेटर भी काम कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार की मदद से राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन कर रहा अडाणी समूह इस हवाई अड्डे को वाराणसी, कानपुर, अयोध्या, प्रयागराज, कुशीनगर आदि शहरों एवं क्षेत्र के अन्य कस्बों के लिए भी कनेक्टिविटी का केंद्र बनाने के जुटा हुआ है।

अडाणी समूह को निजी सरकारी साझीदारी के मॉडल पर लखनऊ का हवाई अड्डा नवंबर 2020 में 50 साल के पट्टे पर सौंपा गया था। अडाणी समूह के अधिकारियों के अनुसार इस हवाई अड्डे की यात्री क्षमता करीब 40 लाख यात्रियों की थी जो अब 70 लाख यात्रियों की हो चुकी है। वर्ष 2026-27 में यह क्षमता 80 लाख करने का काम चल रहा है। इसमें नये टर्मिनल भवन का निर्माण, 15 विमानों के एकसाथ हैंडलिंग की व्यवस्था, रनवे पर कैट-3 से भी आधुनिक तकनीक से खराब मौसम और शून्य दृश्यता में भी आसान लैंडिंग का इंतजाम शामिल है। नये टर्मिनल भवन के निर्माण में 2401 करोड़ रुपए, रनवे के विस्तार एवं रनवे पर नये कारपेट और लाइटों एवं कैट-3 के उन्नयन पर करीब 184 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है तथा उसकी क्षमता विस्तार के लिए 900 करोड़ रुपये और व्यय करने की योजना है।

अधिकारियों के अनुसार लखनऊ हवाई अड्डे को आने वाले समय में उन्नाव, कानपुर, अयोध्या, प्रयागराज, कुशीनगर, वाराणसी, रायबरेली, अमेठी, सीतापुर, बरेली आदि शहरों की कनेक्टिविटी देने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम के साथ मिल कर लग्ज़री बस सेवाओं को शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। एक सवाल के जवाब में अडाणी समूह के अधिकारियों ने कहा कि सरकार की नयी एविएशन नीति में हवाई अड्डों को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के हिसाब से विकसित करने की बात कही गई है और वे इस पर अमल कर रहे हैं ताकि अधिक से अधिक लोगों को हवाई यात्रा का अवसर मिले।

लखनऊ हवाई अड्डे से इस समय 42 देशीय गंतव्यों और 11 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ानें उपलब्‍ध हैं। अडाणी समूह ने अगले दशक में नये अतिरिक्त रनवे के निर्माण और तकनीक के उपयोग से यात्री क्षमता बढ़ाने की रणनीति पर अभी से काम शुरू कर दिया है।

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By editor

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