माघी पूर्णिमा पर्व पर संगम में अमृत स्नान कर धन्य हुए श्रद्धालु

– देश भर से आये श्रद्धालु महाकुम्भ की व्यवस्थाओं के हुए कायल

– महाकुम्भ जैसा दिव्य भव्य आयोजन उन्होंने पहले कभी नहीं देखा

महाकुम्भ नगर, 12 फ़रवरी (हि.स.)। माघी पूर्णिमा पर्व पर बुधवार को करोंड़ों की संख्या में श्रद्धालु अमृत स्नान करेंगे। यह संख्या सुबह ही, 73 लाख पार कर चुकी है। पूरे देश से आ रहे करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त से पहले से ही पवित्र त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। अमृत स्नान करने आ रहे श्रद्धालुओं का कहना है कि महाकुम्भ का इतना विशाल और भव्य आयोजन उन्होंने इससे पहले नहीं देखा है, सभी श्रद्धालु सुगम और सुव्यवस्थित संगम स्नान कर सरकार की व्यवस्था के कायल हो रहे हैं। परिवार के साथ महाराष्ट्र से ही आये बाला जी देवड़े का कहना है महाकुम्भ की व्यवस्था दिव्य और भव्य है। हम अपने पूरे परिवार के साथ आये हैं मेरे साथ मेरा छोटा बेटा भी संगम स्नान करने आया है। हमें संगम स्नान करने में कोई भी परेशानी नहीं हुई, पुलिस प्रशासन के लोगों का व्यवहार भी सहयोगी है।

भोपाल से आए आशुतोष का कहना है कि व्यवस्था पूरी तरह चाक चौबंद है लोगों आसानी से संगम में स्नान कर रहे हैं। यहां संगम में करोड़ों श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं किसी तरह की कोई अव्यवस्था और परेशानी नहीं है। अमृत स्नान करने से जीवन धन्य हो गया और सभी पाप धूल गए।

करोंड़ों की संख्या में श्रद्धालु देश के कोने-कोने से प्रयागराज आ रहे हैं और पवित्र त्रिवेणी में स्नान कर स्वंय को धन्य महसूस कर रहे हैं। महाकुम्भ में बसंत पंचमी के अमृत स्नान का विशेष महत्व है। प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालु अखाड़ों के अमृत स्नान के साथ संगम स्नान कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि 144 साल बाद आए में अमृत स्नान कर जीवन धन्य कर लेना है।

सभी ने प्रशासन की व्यवस्था और महाकुम्भ का दिव्य भव्य आयोजन अविस्मरणीय है। अयोध्या से आई जिज्ञासा मिश्रा का कहना है कि हम ने सभी पर्व पर महाकुम्भ में संगम स्नान किया है। महाकुम्भ में सभी व्यवस्थायें बहुत अच्छी हैं। हम लोगों को स्नान करने में किसी तरह की दिक्कत का समाना नहीं करना पड़ा।

बैंगलोर से आए डाक्टर आकाश ने कहा कि महाकुम्भ का उनका अनुभव यादगार है, अखाड़ों के अमृत स्नान की व्यवस्था अलौकिक रही हैं, आज श्रद्धालुओं ने खूब डुबकी लगाई।

मुंबई से आये प्रकाश जावेडकर का कहना है कि वो तीन हजार किलोमीटर दूर से संगम स्नान करने आये हैं, महाकुम्भ में सभी व्यवस्थायें बहुत ही अच्छी हैं, माघी पूर्णिमा पर संगम तट तक पहुंचने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई। इतने ज्यादा लोंगो की व्यवस्था करना और इतना बड़ा आयोजन करवाना अपने आप में अद्भुत है। हम लोग सीएम योगी के शुक्रगुजार है कि उनकी वजह से सनातन का ऐसा दिव्य भव्य महाकुम्भ देखने को मिला।

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