नई दिल्ली, 11 मार्च । लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष का उन्हें पद से हटाए जाने का प्रस्ताव बुधवार को ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया। गृहमंत्री अमित शाह के वक्तव्य के बाद विपक्ष के हंगामे के बीच प्रस्ताव पर मत विभाजन हुआ। प्रस्ताव कांग्रेस के सदस्य मोहम्मद जावेद ने पेश किया था। इस दौरान अध्यक्षीय चेयर पर पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल मौजूद थे।
लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव खारिज होने के बाद कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
गृहमंत्री अमित शाह के वक्तव्य के दौरान ही विपक्षी सदस्य सदन के बीचोंबीच आकर हंगामा करने लगे। इसी बीच प्रस्ताव पर मत विभाजन हुआ और ध्वनि मत से प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया गया। पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने कहा कि प्रस्ताव अध्यक्ष के खिलाफ लाया गया था लेकिन कई सदस्यों ने अपने वक्तव्य में उनसे हटकर सरकार की आलोचना की है।
इससे पहले गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष के प्रस्ताव की निंदा की और कहा कि भारतीय जनता पार्टी विपक्ष में रहने पर कभी अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव नहीं लाई। उन्होंने कहा कि भले हम अध्यक्ष के मत से असहमत हों लेकिन हमारे लिए वे बाध्यकारी हैं।
उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव कोई सामान्य घटना नहीं है। करीब चार दशक बाद लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। संसदीय राजनीति के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अध्यक्ष को हटाने का प्रस्ताव लाया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान अध्यक्ष की नियुक्ति के समय सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने मिलकर उन्हें पद पर बिठाया था।
