थाना उत्तर क्षेत्र निवासी एक युवती की तबीयत खराब थी उसके परिवारिजन उसका इलाज झाड़ फूंक से करा रहे थे। झाड़ फूंक करने को जनपद आगरा के बरहन निवासी हनीफ खान आता था। मामला 2022 का है। झाड़फूँक के नाम पर एक दिन हनीफ ने उसे भभूत खिला दी। जिससे वह बेहोश हो गई। उसने युवती के साथ गलत काम किया। युवती होश में आई तो उसने विरोध किया।

झाड़फूँक करने वाले ने उसे यह कहकर समझा दिया कि ऐसी कोई बात नहीं है। तुम्हारी तबीयत खराब है। युवती के परिजन उस पर काफी भरोसा करते थे।

युवती का कहना था हनीफ उससे एक वर्ष तक बलात्कार करता रहा। बाद में युवती ने कड़ा विरोध किया तो उसने जातिसूचक शब्दों से उसका अपमान किया। युवती ने थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस ने विवेचना के बाद हनीफ के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।

मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट नवनीत कुमार गिरि के न्यायालय में चला। अभियोजन पक्ष की तरफ से मुकदमे की पैरवी विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह सोलंकी ने की।

मुकदमे के दौरान कई गवाहों ने गवाही दी। कई साक्ष्य न्यायालय के सामने प्रस्तुत किए। गवाहों की गवाही तथा साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में हनीफ को बलात्कार और अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम का दोषी माना। न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 2 लाख रुपया अर्थ दंड लगाया है। अर्थ दंड न देने पर उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

By editor

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