प्रतिनिधि सभा की बैठक में बुधवार को मंत्री चौरासिया ने सांसदों के प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा कि समाज पर प्रतिकूल प्रभाव डालने या बहुविवाह जैसे सामाजिक मूल्यों और मानदंडों का खंडन करने वाले किसी भी विधेयक को सदन में पेश नहीं किया जाएगा। मंत्री चौरासिया ने मीडिया और सोशल नेटवर्क में प्रसारित अटकलों की व्याख्याओं के कारण जनता के बीच भ्रम और आक्रोश पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आपराधिक संहिता और अन्य कानूनों के कार्यान्वयन में कुछ चुनौतियों से निपटने के उद्देश्य से प्रस्तावों के संबंध में कुछ मीडिया आउटलेट्स और सोशल मीडिया में धारणाओं के आधार पर विभिन्न व्याख्याओं ने आम जनता के बीच गलतफहमी और गुस्सा पैदा कर दिया है।

मंत्री चौरासिया ने जोर देकर कहा कि कोई भी ऐसे कानूनों का मसौदा तैयार करने के लिए सहमत नहीं हो सकता है, जो मौजूदा सामाजिक व्यवस्था को बाधित करेंगे। उन्होंने दोहराया कि कोई भी सामाजिक व्यवस्था को बाधित करने वाले कानून का मसौदा तैयार करने के लिए उनका मंत्रालय सहमत नहीं हो सकता है। उन्होंने सदन को यह भी बताया कि विधेयक के संबंध में कुछ मीडिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया में प्रकाशित की गई थीं, जबकि मसौदा अभी भी कैबिनेट की विधायन समिति में विचाराधीन है।

नेपाल के विवाह कानून में संशोधन करते हुए विशेष परिस्थिति में बहु विवाह को मान्यता देने की तैयारी की गई है। इसके लिए सरकार ने कानून में संशोधन करने का प्रस्ताव संसद में पेश किया है। सरकार के इस कदम का कई महिला संगठनों की ओर से विरोध किया जा रहा है।

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