महाकुंभ के पलट प्रवाह से काशी हांफने लगी,भीड़ संभालने में अफसरों पर दबाव बढ़ा

—कैंट रेलवे स्टेशन पर पैर रखने की जगह नही,श्रद्धालु जहां—तहा रात गुजार रहे

वाराणसी,10 फरवरी (हि.स.)। प्रयागराज महाकुंभ से लाखों श्रद्धालुओं के भीड़ का पलट प्रवाह काशी में अनवरत जारी है। कैंट स्टेशन से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों के अलावा शहर का बड़ा हिस्सा भीड़ से भर गया है। शहर में लगातार भीड़ के दबाव और सोमवार से विद्यालयों के खुलते ही यातायात व्यवस्था हांफने लगा। चौतरफा भीड़ को नियंत्रित करने और रेंग रहे यातायात को गति देने में पुलिस अफसरों के पसीने छूट गए। शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों का भी यहीं हाल रहा।

प्रयागराज महाकुंभ से काशी आ रहे श्रद्धालु शहरी सीमा में अपने वाहनों से आने के बाद उसे निर्धारित पार्किंग में खड़ा कर पैदल ही गंगातट और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए चल रहे हैं। कैंट रेलवे स्टेशन के साथ बनारस स्टेशन पर भी यही हाल है। दोनों रेलवे स्टेशन श्रद्धालुओं के समूह से खचाखच भरे हुए हैं। शहर के बाइपास मार्ग पर भी वाहनों की लम्बी कतारे देखी गईं। रामनगर और अखरी बाइपास मार्ग पर भी लोग पूर्वांह से ही देर तक जाम में फंसे रहे। गोदौलिया से काशी विश्वनाथ मार्ग पर पुलिस अफसर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रस्सियों का सहारा लेते देखे गए। अपर पुलिस आयुक्त ( कानून एवं व्यवस्था) डॉ एस चिनप्पा गोदौलिया चौराहे पर सुगम यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डटे रहे। ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को दिशा—निर्देश देने के बाद श्रद्धालुओं से भी संवाद करते रहे। उन्होंने भीड़ नियंत्रण के लिए अफसरों के साथ चौकाघाट, लहुराबीर, बेनिया बाग, रामापुरा चौराहा, गोदौलिया चौराहा, दशाश्वमेध घाट से श्री काशी विश्वनाथ धाम,काल भैरव प्रवेश द्वार से प्रवेश कर मन्दिर परिसर तथा गेट न0 04 से मैदागिन चौराहा एवं पुनः गोदौलिया चौराहा तक पैदल गश्त किया। इस दौरान उन्होंने शहर क्षेत्र से गन्तव्य को प्रस्थान करने वाले श्रद्धालुओं की सुगमता एवं यातायात व्यवस्था को सुदृढ बनाये जाने के लिए प्रवेश/निकास स्थानों को निरन्तर खाली रखने के लिए दिशा निर्देश दिया।

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