खंडेलवाल ने कर्तव्य भवन के उद्घाटन को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता का एक और ऐतिहासिक उदाहरण बताया। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व भारत की प्रशासनिक व्यवस्था की मूल आत्मा को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है। अत्याधुनिक सुविधाओं, विश्वस्तरीय ढांचे और टिकाऊ डिजाइन से युक्त कर्तव्य भवन ये दर्शाता है कि यह सरकार न केवल भविष्य के लिए तैयार है, बल्कि पारदर्शिता, सुगमता और कुशलता के लिए गहराई से प्रतिबद्ध भी है।

उन्होंने कहा कि कर्तव्य भवन नाम रखकर प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि इस भवन में प्रवेश करने वाला हर अधिकारी, नीति निर्माता और जनसेवक राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों की भावना के साथ कार्य करे। यह भवन उत्तरदायी और कर्तव्यपरायण शासन का प्रकाशस्तंभ बनकर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा। इस तरह की इमारतें केवल ईंट और पत्थर की संरचना नहीं होतीं, यह लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती, संस्थाओं को सशक्त बनाने और नागरिकों को व्यवस्था से जोड़ने का माध्यम बनती हैं। कर्तव्य भवन नीति निर्माण, क्रियान्वयन और जन संवाद का एक सशक्त केंद्र बनेगा, जो भारत के अगले विकास अध्याय को आकार देगा।

प्रधानमंत्री ने बुधवार को नवनिर्मित कर्तव्य भवन-3 का लोकार्पण किया।

By editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights