कपिल मिश्रा ने कि कई वर्षों तक दिल्ली में आस्था और उत्सवों पर तरह-तरह की रोक लगाई जाती रही — दीपावली पर पटाखों पर प्रतिबंध, छठ पूजा पर यमुना किनारे पूजा करने तक की मनाही। पिछली सरकारें आस्था और परंपराओं के विरोध में दिखाई देती थीं।
उन्होंने कहा कि अब सरकार बदल चुकी है, और नई सरकार ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने इस बार ग्रीन पटाखों की अनुमति दी है।
कपिल मिश्रा ने यह भी कहा कि दिल्लीवासी इस बार अनुशासन और पर्यावरण के संतुलन के साथ दीपावली मनाएंगे। जैसे पूरा देश और दुनिया दीपावली मनाती है, वैसे ही अब दिल्लीवासियों को भी दीपावली मनाने का अधिकार मिला है। अब दिल्ली में आस्था और उत्सव पर रोक नहीं, बल्कि सम्मान और प्रोत्साहन की नीति चलेगी।
अंत में श्री कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली सरकार श्रमिक वर्ग को सम्मानजनक जीवन और समान अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने सभी दिल्लीवासियों से अपील की कि वे स्वच्छ, हरित और सामूहिक भावना के साथ दीपावली मनाएं।
