कलश यात्रा पंचमुखी हनुमान मंदिर से शुरू होकर खाटू श्याम मंदिर पर समाप्त हुई। कलश यात्रा में कथा व्यास बालभारत जी महाराज व आयोजक प्रदीप अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु चल रहे थे। यात्रा में जगह-जगह भगवान् के जयकारे लग रहे थे ।
कथा व्यास बाल भारत महाराज ने कहा कि भागवत कथा सुनने से पितरों को शांति और मुक्ति मिलने के साथ ही आत्मिक ज्ञान की प्राप्ति होती है। सांसारिक दुखों से मुक्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसके साथ ही, कथावाचक भागवत कथा के मूल मंत्र, सदाचार पर भी प्रकाश डालते हैं, जो कि समाज में सम्मान और भगवान का प्रेम दिलाता है। कथा 13 अगस्त तक अपराह्न 4:00 बजे से रात 8:00 बजे तक होगी।
