यह रैली गोलू देवता मंदिर से प्रारंभ होकर मुख्य बाजार होते हुए बस स्टेशन तक निकाली गई। रैली में चम्पावत और लोहाघाट क्षेत्र के पी.एल.वी., अधिवक्ता, स्वयंसेवी संगठन, विद्यालयों के छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
रैली में प्रतिभागियों ने नशा मुक्त समाज – सुरक्षित भविष्य और ड्रग्स से मुक्ति नई पीढ़ी की सुरक्षा जैसे नारों के माध्यम से लोगों से नशे से दूर रहने की अपील की। जिला जज अनुज कुमार संगल ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य समाज में बढ़ते नशे के प्रचलन को रोकना और आम जनता को संबंधित कानूनी प्रावधानों एवं पुनर्वास योजनाओं के बारे में जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि भारत में लगभग 7 करोड़ लोग नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से प्रभावित हैं, जिनमें कम उम्र के बच्चे भी शामिल हैं जो अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।
वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि नशे की रोकथाम केवल कानून से नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जागरूकता और सहभागिता से संभव है। विद्यालयों, महाविद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर जनजागरूकता कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता जताई गई।
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा ड्रग्स से मुक्ति नई पीढ़ी की सुरक्षा का संकल्प लेते हुए नशा न करने की शपथ के साथ हुआ।
