राष्ट्रपति लाई ने अमेरिकी-इज़राइली पब्लिक अफेयर्स कमिटी (एआईपीएसी) द्वारा यहां आयोजित एक रात्रि भाेज के दाैरान यह टिप्पणी की। उन्होंने बाइबिल की प्रसिद्ध कहानी ‘डेविड बनाम गोलियाथ’ का जिक्र करते हुए कहा कि ताइवान को ‘सत्तावादी दबाव’ के खिलाफ डेविड की तरह मजबूती से खड़ा होना चाहिए।

उन्होंने कहा, “जब हमारी ‘अंतरराष्ट्रीय’ स्थिति पर चुनौतियां आती हैं और चीन से हमारी संप्रभुता काे खतरा होता है, तब ताइवानी लोग अक्सर यहूदियों के उदाहरण को देखते हैं। हम कभी हताश नहीं हुए।”

लाई ने इज़राइल की मजबूती और रक्षा क्षमता को ताइवान के लिए मूल्यवान ‘मॉडल’ बताया। उन्होंने जोर दिया कि सत्तावादियों को रोकने के लिए नरमी काम नहीं आती। उन्हाेंने कहा “शांति ताकत से ही मिलती है। यह इज़राइल, अमेरिका और ताइवान के समुदायाें का पुराना सिद्धांत है।” लाई ने ताइवान, अमेरिका और इज़राइल के बीच त्रिपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने की भी वकालत की जिससे क्षेत्रीय शांति और समृद्धि काे बल मिल सकें।

गाैरतलब है कि राष्ट्रपति लाई का यह बयान ताइवान पर चीन के बढ़ते खतरे के बीच आया है। चीन का दावा है कि ताइवान उसका ‘एक’ इलाका है।

इस बीच ताइवान ने हाल ही में ‘टी-डोम’ नामक हवाई रक्षा प्रणाली का ऐलान किया, जो इज़राइल के ‘आयरन डोम’ से प्रेरित है।

उधर देश के विदेश मंत्री लिन चिया-लुंग ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका के साथ ताइवान के रिश्ते ‘स्थिर’ हैं और देश काे अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रंप को लेकर काेई आशंका या चिंता नहीं हैं।

ताइवान ने 2023 के हमास हमले के बाद इज़राइल का समर्थन किया है, हालांकि दोनों के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। ताइवान का इजराइल की राजधानी तेल अवीव में अस्थायी दूतावास है, जबकि इज़राइल का प्रतिनिधि कार्यालय ताइपे में स्थित है।

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