उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले की पुलिस अधीक्षक (SP) अपर्णा रजत कौशिक इस समय एक बेहद कड़वे अनुभव से गुजर रही हैं। एक तरफ जहां उन्होंने एक इनामी बदमाश को सलाखों के पीछे पहुंचाकर खाकी का मान बढ़ाया, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया की भीड़ ने उनके शरीर और कद-काठी को लेकर भद्दे कमेंट्स की झड़ी लगा दी। इंस्टाग्राम पर हुई इस बॉडी शेमिंग ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में एसपी अपर्णा कौशिक एक इनामी बदमाश की गिरफ्तारी के बाद प्रेस ब्रीफिंग कर रही थीं। इस ब्रीफिंग का वीडियो जैसे ही पुलिस के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर अपलोड हुआ, वह वायरल हो गया। 40 लाख (4 Million) से ज्यादा बार देखे गए इस वीडियो के कमेंट सेक्शन में लोगों ने अपराधी की बात करने के बजाय महिला अधिकारी के लुक, शारीरिक बनावट और अपीयरेंस पर अश्लील टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं। हालात इतने बिगड़ गए कि बाद में कमेंट सेक्शन को बंद करना पड़ा।
18 लाख का पैकेज छोड़ बनी थीं IPS
अपर्णा कौशिक की कहानी किसी मिसाल से कम नहीं है। मूल रूप से रामपुर की रहने वाली अपर्णा ने साल 2006 में हाईस्कूल में स्टेट टॉप किया था। प्रयागराज NIT से बीटेक करने के बाद वह गुरुग्राम की एक नामी कंपनी में 18 लाख रुपए के सालाना पैकेज पर बिजनेस एनालिस्ट थीं। लेकिन देश सेवा के जुनून में उन्होंने यह आलीशान नौकरी छोड़ दी और 2015 बैच की IPS अधिकारी बनीं। वह लखनऊ में DCP और अमेठी, कासगंज जैसे जिलों में कप्तान की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।
संघर्षों में बीता बचपन, मां ने अकेले पाला
अपर्णा का जीवन शुरू से ही चुनौतियों भरा रहा है। उनके जन्म से पहले ही उनके पिता का निधन हो गया था। उनकी मां प्रीति गौतम ने कड़े संघर्षों के बीच उन्हें पाला-पोसा और इस मुकाम तक पहुंचाया। यही वजह है कि अपर्णा अपनी हर सफलता का श्रेय अपनी मां को देती हैं।
‘जब IPS सुरक्षित नहीं, तो आम महिला का क्या?’
इस घटना के बाद अब लोग अपर्णा के समर्थन में उतर आए हैं। सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहा है कि अगर एक जिले की कमान संभालने वाली जिम्मेदार महिला अधिकारी को लोग इस तरह मानसिक रूप से प्रताड़ित कर सकते हैं, तो आम महिलाओं की स्थिति क्या होगी? समर्थकों ने मांग की है कि भद्दे कमेंट्स करने वाले कीबोर्ड वारियर्स पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
